जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने कहा कि धरातलीय फीडबेक के माध्यम से राज्य सरकार की योजनाओं में सुधार एवं बेहतर क्रियान्वयन के लिए सामाजिक संगठनों एवं सिविल सोसायटी के साथ हर छह माह में संवाद किया जाएगा। आर्य शासन सचिवालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सामाजिक संगठनों एवं सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर रहे थे। मुख्य सचिव आर्य ने कहा कि सामाजिक संगठनों एवं सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों द्वारा फील्ड में घूमकर योजनाओं के क्रियान्वयन के संबंध में दिया जाने वाला फीडबेक काफी सार्थक होता है। इससे राज्य सरकार की योजनाओं एवं नीतियों को और बेहतर बनाने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों एवं सिविल सोसायटी के साथ हर छह माह में बैठक कर संवाद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संवाद में मिले महत्वपूर्ण सुझावों को कल्याणकारी योजनाओं एवं नीतियों में शामिल करने का पूरा प्रयास किया जाएगा। आर्य ने अनुसूचित जाति-जनजाति से संबंधित मसलों पर चर्चा करते हुए अत्याचार निवारण के प्रकरणों को समय पर ऑनलाइन करने और नियमानुसार मुआवजा दिलवाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने देश की प्रतिष्ठित निजी शिक्षण संस्थाओं में पढ़ने वाले एससी-एसटी विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप मुहैया कराने के लिए कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने वनाधिकार से संबंधित प्रकरणों में म्यूटेशन खोलने की पेंडेंसी खत्म कर शून्य करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर लोक कलाकारों, शिक्षा, चिकित्सा, सिलिकोसिस, खाद्य सुरक्षा योजना, पेंशन, पालनहार, महिलाओं, बच्चों, जेल कैदियोंं एवं सीवरेज सहित आमजन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर सुझाव दिए गए। बैठक में ग्रामीण विकास विभाग के शासन सचिव डॉ. के.के पाठक, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव नवीन जैन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा एवं सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे उपस्थित थे। विभिन्न विभागों के शासन सचिव एवं सामाजिक कार्यकर्ता वीडियो कॉन्फ्रेंस से बैठक में भाग लिया।