जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
आमजन की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और जन स्वास्थ्य में बेहतर सुधार के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रारंभ की गई घर-घर औषधि योजना मिसाल बनती जा रही है। वन विभाग द्वारा अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करते हुए अभी तक योजना के तहत 97 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य पूर्ण करने के साथ राज्य भर में 4.91 करोड़ पौधे वितरित करवाये गए हैं। वन एवं पर्यावरण मंत्री हेमाराम चौधरी और मुख्य सचिव निरंजन आर्य के निर्देशन में जारी इस योजना ने अभी तक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। प्रमुख शासन सचिव श्रीमती श्रेया गुहा और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन-बल प्रमुख) डॉ. दीप नारायण पांडेय ने बताया कि विभिन्न तरह के नवाचारों के साथ प्रदेश भर में घर-घर औषधि योजना के तहत तुलसी, कालमेघ, अश्वगंधा और गिलोय के पौधे घरों तक पहुंचाए जा रहे हैं। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स द्वारा निर्धारित योजना के मुताबिक औषधीय पौधों के वितरण के साथ इनसे प्राप्त उत्पादों के औषधीय उपयोग और इन पौधों के सार-संभाल की जानकारी भी आमजन को लगातार दी जा रही है। डॉ. पाण्डेय ने बताया कि अभी तक 19 जिलों ने घर-घर औषधि योजना का शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ण कर लिया है। 13 जिलों ने 90 से 100 प्रतिशत और 4 जिले 80 से 90 प्रतिशत के बीच लक्ष्य पूर्ण कर चुके हैं। अभी तक योजना के पहले वर्ष का 97.12 लक्ष्य लक्ष्य पूर्ण करते हुए 4.91 करोड पौधे राज्य भर में वितरित किये जा चुके हैं।डॉ. दीप नारायण पाण्डेय ने बताया कि पहले वर्ष के पौध वितरण कार्य को 31 दिसम्बर तक पूरा करना है। अगले वर्ष योजना का दूसरा चरण शुरू किया जाएगा। मुख्य वन संरक्षकगणों के साथ-साथ उप वन संरक्षकों को भी दूसरे चरण के तहत आवश्यक निर्देश देते हुए उचित कार्रवाई करने के लिए निर्देशित कर दिया गया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक मुनीश कुमार गर्ग ने बताया कि 6 दिसंबर तक तक प्रदेश भर में योजना के तहत 61.44 लाख औषधीय पौधों की किट्स वितरित की जा चुकी हैं। जिन जिलों में अभी लक्ष्य पूर्ण नहीं हुए हैं, वहां जिला टास्क फोर्स की निगरानी में पौध वितरण कार्य जारी है। अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (आईटी) अरिजीत बनर्जी ने बताया कि योजना की अधिकाधिक जानकारी आमजन तक पहुंचे, इसके लिए आईईसी के माध्यम से भी विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इनके तहत नुक्कड़ नाटक, कठपुतली, गीत, नृत्य और साइकिल रैली सहित अन्य नवाचार अपनाते हुए आमजन को घर-घर औषधि योजना से जोड़ा जा रहा है।

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