जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार संवेदनशील, पारदर्शी और जवाबदेह सुशासन के संकल्प के अनुरूप प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर कार्यालय, उपखंड कार्यालय, तहसील कार्यालय एवं उप तहसील कार्यालयों का नवसृजन और क्रमोन्नयन किया गया है, ताकि राजस्व और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आए और आमजन की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण हो। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि हमारी पिछली सरकार में लाए गए लोक सेवाओं की गारन्टी अधिनियम और सुनवाई का अधिकार अधिनियम को प्रदेश में लागू करने पर पुनः विचार किया जाए। गहलोत मुख्यमंत्री निवास पर अतिरिक्त जिला कलक्टर, उपखण्ड, तहसील एवं उप तहसील कार्यालयों समेत 69 राजस्व इकाइयों के शुभारम्भ, लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार व्यापक जनहित के लिए ठोस कदम उठा रही है। कोविड की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद राज्य के हर क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए अनेक योजनाओं एवं कार्यक्रमों की शुरूआत की गई है। बजट घोषणाओं को समय पर पूरा किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा विगत तीन सालों में एडीएम के 6, एसडीएम के 17, तहसीलों के 38 एवं उप तहसीलों के 33 नए कार्यालय खोले गए हैं। साथ ही, वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 588 नए राजस्व गांवों का सृजन भी किया गया है। इससे ग्रामीणों की अनेक समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ है। राज्य सरकार का मंतव्य है कि लोगों को अपने क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए अधिक दूर नहीं जाना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि शुक्रवार को नए एडीएम, एसडीएम, तहसील एवं उप तहसीलों कार्यालयों का शुभारम्भ हुआ है। उनमें से अधिकांश सरकार ने स्वप्रेरणा से खोले हैं। साथ ही, नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों की मांग के आधार पर राज्य सरकार ने गंभीरता से विचार करते हुए कार्यालय खोले हैं। सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पानी, बिजली, सिंचाई आदि क्षेत्रों के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है और आगे भी विकास की इस गति को जारी रखा जाएगा।

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