जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
पेट्रोलियम व ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस, डा. सुबोध अग्रवाल ने बताया है कि बंशीपहाड़पुर के 38 खनन प्लॉट्स की नीलामी में राज्य सरकार को रिजर्व प्राइस से लगभग 17 गुुणा अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है। खनन प्लॉट संख्या 35 और 36 की तो रिजर्व प्राइस से करीब 41 से 43 गुणा तक अधिक राशि प्राप्त हुई है। डॉ. अग्रवाल ने बंशीपहाड़पुर ऑक्षन की समीक्षा के बाद यह जानकारी दी। एसीएस माइसं डॉ. अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रयासों से अतिसंवेदनशील बंशीपहाड़पुर क्षेत्र में ऑक्षन संभव हो पाया है। उन्होंने बताया कि अब राममंदिर के लिए वैध खनन का पत्थर उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की पारदर्शी व्यवस्था और व्यापक प्रचार-प्रसार का परिणाम रहा कि बंशीपहाड़पुर क्षेत्र में नीलामी में उत्साहपूर्वक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और नीलामी सफल हो सकी।डॉ. अग्रवाल ने बताया कि बंशीपहाड़पुर क्षेत्र में करीब 230 हैक्टेयर क्षेत्र में 39 खनन प्लॉट विकसित किए गए थे। इनकी दो चरणों में 10 नवंबर से 3 दिसंबर तक भारत सरकार के ई-प्लेटफार्म पर नीलामी की प्रक्रिया पूरी की गई। उन्होंने बताया कि 38 प्लॉटोें की रिजर्व प्राइस 7 करोड़ 93 लाख की तुलना में राज्य सरकार को नीलामी से 245 करोड़ 54 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। निदेशक माइंस केबी पण्ड्या ने बताया कि नीलामी के उत्साहजनक परिणामोें को देखते हुए आशा की जा रही है कि नीलामी से बाकी रहे प्लाटों की भी पुनः नीलामी में अच्छी राशि प्राप्त होगी। पण्ड्या ने बताया कि केन्द्र सरकार आवश्यक क्लीयरेंस मिलने के साथ ही विभाग ने एसएमई प्रताप मीणा को प्लॉट चिन्हीकरण की जिम्मेदारी देते हुए जल्दी से जल्दी आक्षन की तैयारी करने के निर्देश दिए। टीम भावना से काम करने का ही परिणाम रहा कि प्लॉटों के चिन्हीकरण से लेकर नीलामी तक की कार्यवाही प्राथमिकता से तय हो सकी। नीलामी अवधि में एसएमई अविनाश कुलदीप द्वारा क्षेत्र में अवैध खनन गतिविधियों पर रोक लगाने और मौका मुआयना करने वाले इन्छुकों की सहायता व सहयोग के लिए क्षेत्र में दो फोरमेन सहित गार्डों की तैनाती की गई जिसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए।