उदयपुर से भगवान प्रजापत।
मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय का 29 वां दीक्षांत समारोह बुधवार को विवेकानंद सभागार में आयोजित हुआ। ऑनलाइन एवं ऑफलाइन मॉड में आयोजित हुए दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति एवं राज्यपाल कलराज मिश्र और उच्च शिक्षा मंत्री राजेंद्र सिंह यादव मौजूद रहे। राज्यपाल कलराज मिश्र की स्वीकृति के बाद दीक्षांत समारोह का शुभारंभ किया गया।
 समारोह में समारोह में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के महानिदेशक एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार के सचिव प्रो बलराम भार्गव तथा मैरीलैंड अमेरिका में उच्च शिक्षण संस्थान के सलाहकार डॉ फ्रैंक एफ इस्लाम ने अपना उद्बोधन दिया। दीक्षांत समारोह राज्यपाल ने कुल 105 स्वर्ण पदक प्रदान किए जिसमें 51 छात्राओं ने गोल्ड मेडल प्राप्त किया। 8 विद्यार्थियों को चांसलर मेडल प्रदान किया गया। 
इसके अलावा 89 विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक और 8 विद्यार्थियों को प्रायोजित मेडल प्रदान किए गए। दीक्षांत समारोह में 180 पीएचडी उपाधि धारकों को डिग्री प्रदान की गई। इसमें विज्ञान संकाय में 28 (11 छात्राएं), वाणिज्य संकाय 22 (8 छात्राएं), विधि संकाय में 3 (1 छात्रा), पृथ्वी पृथ्वी विज्ञान संकाय में 17 (3 छात्राएं), सामाजिक विज्ञान संकाय में 36 (19 छात्राएं), शिक्षा संकाय में 22 (15 छात्राएं), प्रबंध अध्ययन संकाय में 13(2 छात्राएं), मानविकी संकाय में 39 (20 छात्राएं),को डिग्री प्रदान की गई। कुलपति प्रोफ़ेसर अमेरिका सिंह ने बताया कि इस बार दो दीक्षांत उद्बोधन हुए जो कि कोविड पर केंद्रित थे। कोविड की दोनों लहर के दौरान के प्रमुख तथ्य और उससे जुड़ी बातों को विद्वानों ने प्रस्तुत किया। नवाचारों से युक्त दीक्षांत समारोह में कई नई चीजों की पहल की गई, जिसमें स्वर्ण पदक विजेताओं का कार्यक्रम के राज्यपाल कलराज मिश्र के साथ समूह फोटो करवाया गया। समूह फोटो की परंपरा पहली बार शुरू की गई साथ ही पहली बार दीक्षांत रजिस्टर की शुरुआत की गई, जिसमें दीक्षांत अवसर पर दी गई डिग्रियों एवं स्वर्ण पदक विजेताओं की सूचना दर्ज की गई। सुविवि इस तरह की पहल करने वाला पहला विश्वविद्यालय बन गया। इसके साथ ही ऑडिटोरियम के प्रांगण में हस्तशिल्प, लोक कलाओं और पुस्तकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई जो कि मुख्य आकर्षण का केंद्र रही। गत शैक्षणिक सत्र में उत्तीर्ण हुए 45861 स्नातक एवं 13132 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करने का अनुमोदन कुलाधिपति द्वारा किया गया। इसमें विज्ञान संकाय में 4382 स्नातक 866 स्नातकोत्तर, वाणिज्य संकाय में 5573 स्नातक 3361 स्नातकोत्तर, विधि संकाय में 1131 स्नातक 121 स्नातकोत्तर, कला संकाय में 27108 स्नातक 8499 स्नातकोत्तर, शिक्षा संकाय में 7667 स्नातक 39 स्नातकोत्तर तथा प्रबंध अध्ययन संकाय में 246 विद्यार्थियों को स्नातकोत्तर की डिग्री का अनुमोदन किया गया।