जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
जयपुर नगर निगम ग्रेटर की निलंबित मेयर सौम्या गुर्जर की मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर स्टे देने से इनकार करते हुए अगली सुनवाई की तारीख 1 फरवरी दे दी। नगर निगम के सीनियर एडवोकेट मनीष सिंघवी ने बताया कि हमने कोर्ट में दलील पेश की इस मामले में जो न्यायिक जांच चल रही है। उसमें सभी पक्षों की गवाही और एविडेंस रखे जा चुके है। अब केवल दोनों पक्षों की बहस होना बाकी है। बहस के बाद जो परिणाम आएगा। ऐसे में बीच में ही स्टे देना उचित नहीं होगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने मामले में जांच पूरी होने और आदेशों के आने की बात करते हुए स्टे देने से इनकार कर दिया । आपको बता दे, कि राज्य सरकार ने 6 जून को सौम्या गुर्जर को मेयर पद से और अन्य तीन पार्षदों को आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव के साथ हुए विवाद के बाद निलंबित कर दिया था। इस निलंबन के बाद राज्य सरकार ने इस पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच भी शुरू करवा दी। सरकार के निलंबन के फैसले को सौम्या गुर्जर ने राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इस पूरे प्रकरण में न्यायिक जांच होने तक दखल देने और निलंबन के आदेशों पर स्टे देने से इंकार कर दिया। हाईकोर्ट के राहत नहीं मिलने के बाद सौम्या गुर्जर के समर्थन में भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को चुनौती दी थी।