जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
एसीबी मामलों की विशेष कोर्ट ने गणपति कंस्ट्रक्शन कंपनी को एकल पट्टा जारी करने के भ्रष्टाचार से जुड़े केस में शुक्रवार को पूर्व आईएएस जीएस संधू, आरएएस औंकारमल सैनी व रिटायर आरएएस निष्काम दिवाकर के खिलाफ राज्य सरकार की केस वापस लेने वाली अर्जी खारिज कर दी। वहीं कोर्ट ने पूर्व आईएएस संधू को अमेरिका जाने की सशर्त मंजूरी भी दी है। लेकिन अमेरिका जाने से पहले संधू को कोर्ट में सशर्त शपथ पत्र भी पेश करना होगा। वहीं 9 दिसंबर से पहले अमेरिका छोड़ना होगा। दरअसल संधू ने अमेरिका में रह रहे उनके छोटे भाई सुखदयाल सिंह से पारिवारिक मामलों पर चर्चा करने के लिए कोर्ट से अमेरिका जाने की मंजूरी मांगी थी। जिसे कोर्ट ने सशर्त मंजूर किया। वहीं राज्य सरकार ने संधू सहित तीनों अफसरों के खिलाफ केस को वापस लेने की अर्जी में कहा था कि इन अफसरों के खिलाफ भी कोई शिकायत नहीं हुई है। भूमि सरकारी नहीं थी और निजी खातेदारी की थी। ऐसे में राज्य सरकार को कोई सदोष हानि भी नहीं हुई है। इस मामले में संधू व दिवाकर के अभ्यावेदन पर 17 जुलाई 2019 को नगरीय विकास विभाग ने एक समिति का गठन किया था अौर एसीबी से भी इस पर राय ली थी। एसीबी ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। नगरीय विकास विभाग ने भी इनके खिलाफ केस वापस लेने की अनुशंसा की है। मामले में पूर्व आईएएस जीएस संधू व आरएएस निष्काम दिवाकर रिटायर हो चुके हैं और औंकारमल सैनी आरएएस हैं। इसलिए अनावश्यक तौर पर अभियोजन का सामना करने से राज्य के अफसरों का मनाेबल गिरेगा जो लोक हित में नहीं होगा। इसलिए इन तीनों के खिलाफ केस को वापस लेेने की मंजूरी दी जाए। वहीं परिवादी रामशरण सिंह के अधिवक्ता संदेश खंडेलवाल ने कहा कि यह भ्रष्टाचार का गंभीर मामला है और राज्य सरकार का आराेपी अफसरों के खिलाफ केस वापस लेना जनहित में नहीं है। संधू सहित अन्य आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से कठोर शर्तों पर जमानत मिली थी। इसलिए राज्य सरकार की तीनाें आरोपियों के खिलाफ केस वापस लेने वाली अर्जी खारिज की जाए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर राज्य सरकार की संधू सहित तीनों अफसरों के खिलाफ केस वापस लेने वाली अर्जी खारिज कर दी।

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