उदयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे आज से 25 नवम्बर तक हेलीकॉप्टर से मेवाड़ में देव दर्शन यात्रा करेंगी। मेवाड़ की धरा से पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया अगले विधानसभा चुनाव को लेकर शक्ति प्रदर्शन के जरिए विरोधियों को राजनीतिक ताकत दिखाएंगी। इस दौरान राजे कई मंदिरों में देव दर्शन करेगीं। वहीं, दिवंगत भाजपा नेताओं के परिजनों से मिलने का भी कार्यक्रम है। मेवाड़ यात्रा को लेकर वसुंधरा राजे से समर्थक गर्मजोशी से स्वागत करने की तैयारी में जुटे हुए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की देव दर्शन यात्रा का आगाज आज से मेवाड़ के सांवलिया सेठ के दरबार से होगा। राजे सांवरिया सेठ के दर्शन करेगीं। विशेष पूजा अर्चना के साथ वे प्रभु के दर्शन करेंगी। हालांकि, अभी विधानसभा चुनाव में करीब 2 साल से अधिक का वक्त है। आपको बता दे, कि 2018 विधानसभा चुनाव से पहले भी राजे ने मेवाड़ से गौरव यात्रा शुरु की थी। पूर्व सीएम राजे हर बार मेवाड़ से ही वसुंधरा अपनी चुनावी यात्राओं को शुरू करती हैं। ऐसे में लंबे समय से सक्रिय राजनीति से दूर वसुंधरा राजे मेवाड़ से एक सियासी संदेश देंगी जो 2023 के विधानसभा चुनाव शंखनाद के तौर पर देखने को मिलेगा। देव दर्शन यात्रा को लेकर वसुंधरा राजे समर्थक पूर्व मंत्री लगातार सफल बनाने में जुटे हुए हैं। बताया जा रहा है कि वसुंधरा राजे देव दर्शन यात्रा के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से भी मुलाकात करेंगी। वसुंधरा राजे ने 2018 के विधानसभा चुनाव में मेवाड़ से सुराज गौरव यात्रा से चुनावी शंखनाद किया था। जिसमें नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया महत्वपूर्ण भूमिका में थे। हालांकि, देव दर्शन यात्रा में कटारिया किस भूमिका में नजर आएंगे, इसका खुलासा नहीं हो पाया है।

यह रहेगा राजे की मेवाड़ यात्रा का कार्यक्रम।
वसुंधरा राजे आज हेलीकॉप्टर पर सुबह 11:15 बजे चित्तौड़गढ़ में सांवरिया सेठ मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करेंगी। इसके बाद भी दोपहर को लसाड़िया के माता वेली जाएंगी। शाम 5:30 बजे बांसवाड़ा में मां त्रिपुरा सुंदरी के दर्शन करेंगे। 24 नवंबर को उदयपुर के झाडोल में ब्राह्मणों का खेरवाड़ा में मावली विधायक धर्म नारायण जोशी के घर जाएंगी। इसके बाद राजसमंद में दोपहर 12:50 बजे चारभुजा के दर्शन करेगीं, वही दोपहर 2:00 बजे राजसमंद में ही द्वारकाधीश दर्शन करेंगी। दोपहर 3:10 बजे मेवाड़ के आराध्य देव एकलिंग नाथ जी के दर्शन करेंगीं। वहीं रात्रि विश्राम नाथद्वारा में करेंगीं।