नागौर शबिक उस्मानी।
नागौर जिला राजस्थान प्रदेश और संभवत भारत देश का भी एक ऐसा जिला बन गया है जहां मनरेगा में मुर्दों को भी रोजगार दिया जा रहा है। जी हां नागौर जिले की ग्राम पंचायत खींवसर  से हैरान कर देने वाला ये मामला सामने आया है। खींवसर के महावीर नाडा में पिछले महीने 4 अक्टूबार से 15 अक्टूबर तक के पखवाड़े में  मनरेगा के तहत कार्य कराया गया।  इस काम के मस्टररोल में जिन श्रमिको की हाजिरी लगाई गई। उनमें एक नाम युसुफ़ मोहम्मद का भी है। जो काम के पहले दिन यानी अक्टूबर को अनुपस्थित रहा। लेकिन बाद में 8 कार्यदिवसों में मस्टररोल के मुताबिक मौजूद रहा।
 लेकिन युसूफ मोहम्मद नाम के शख्स की मौत 15 अप्रैल 2021 को ही हो चुकी है। राज-काज न्यूज संवाददाता ने जब इस मामले में धरातल तक पड़ताल की तो ये चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दरअसल खींवसर निवासी युसूफ मोहम्मद पुत्र लाल मोहम्मद की मृत्यु 15 अप्रैल 2021 को हो गई थी। जबकि दूसरी ओर ग्राम पंचायत खींवसर की ओर मनरेगा कार्य में आवेदन लेने के बाद मस्टरोल भी जारी कर दिया गया। खींवसर में मनरेगा कार्य 4 अक्टूबर 2021 से लेकर 15 अक्टूबर 2021 तक महावीर नाडा में कार्य किया गया। 
जिसमे  मृतक युसूफ को भी मनरेगा श्रमिक के तौर पर बताया गया। मस्टररोल के मुताबिक पखवाड़े के पहले दिन 4 अक्टूबर को यूसुफ की अनुपस्थिति लगा दी गई। इसके बाद 5 अक्टूबर से लेकर 15 अक्टूबर तक यानी बीच में अवकाश छोड़कर 9 दिन के पखवाड़ा में यूसुफ की आठ  दिन हाजरी उपस्थिति दिखाई  गई। जब यह मामला ग्राम पंचायत खींवसर तक पहुंचा फिर आनन-फानन में मस्टररोल मंगवाकर गोले कर दिए गए। लेकिन राज-काज न्यूज के पास मस्टररोल की जो फोटो है उसमें आप भी साफ तौर पर देख सकते हैं कि पहले यूसुफ के नाम के आगे हाजिरी लगाई गई है और बाद में उस हाजिरी पर गोले बना दिए गए हैं । जब इस मामले में जानकारी जुटाई तो सामने आया की ग्राम पंचायत खीवसर में मनरेगा योजना के तहत आवेदन लिए गए थे। उस समय युसूफ जिंदा था और उसने खुद ही मनरेगा में काम करने के लिए आवेदन किया था। 4 अक्टूबर को जब इस काम की महावीर नाडा में शुरुआत हुई तो उसको उपस्थित बता दिया गया। मृतक के बेटे  हारून कुरेशी सहित ग्रामीणों ने मामले में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। ग्राम पंचायत सरपंच राजू देवी ने मीडिया से बातचीत में इस मामले से पूरी तरह से अनजान बनते हुए पल्ला झाड़ लिया तो ग्राम विकास अधिकारी हरभजन सिंह ने भी मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही और फिर कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और संबंधित मैंट के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा। जरूरत इस बात की है कि जिला प्रशासन मामले में संज्ञान लेते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराएं और मामले की असलियत का पता लगाए।