जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट
अशोक गहलोत सरकार के मंत्रिमण्डल विस्तार के बाद भी पायलट-गहलोत गुट में आपसी कलह खत्म नहीं हुई हैं। मंत्रीमंडल के गठन के बाद भी विधायकों का सियासी हमला जारी है। मुख्यमंत्री के सलाहकार बनाए गए निर्दलीय रामकेश मीणा ने तो पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के खिलाफ गंभीर आरोप लगाकर फिर से मोर्चा खोल दिया। रामकेश मीणा की इस प्रतिक्रिया से आपसी सुलह खटाई में पड़ती नजर आ रही हैं। रामकेश ने अरोप लगाया कि पायलट ने आलाकमान को गुमराह किया। यहीं कारण है कि निर्दलीय व बसपा से आए विधायकों को तरजीह नहीं मिली। रामकेश मीना ने मीडिया के सामने यह आरोप लगाया कि पायलट ने ही आलाकमान को गुमराह करके हमारे टिकट कटवाएं थे। इसके चलते ही हमारे साथी बसपा व निर्दलीय जीतकर आए। अगर टिकट वितरण के समय कमान अगर पूरी तरह से गहलोत के पास होती तो कांग्रेस की 150 सीटें आती। उन्होंने कहा कि हमने गहलोत सरकार को बचाने का काम किया, यहीं कारण रहा कि निर्दलीय मंत्री बनने पर पायलट ने राइडर लगवा दिया। पायलट ने दिल्ली में लगातार हमें रोकने का काम किया।मुख्यमंत्री के नवनियुक्त सलाहकार रामकेश ने कहा कि मैं आलाकमान से मिलकर बात रखूंगा तथा ये भी कहूंगा कि भविष्य में पायलट को आगे रखकर चुनाव की रणनीति बनाई जाएगी तो इससे बुरी बात कांग्रेस के लिए कोई नहीं होगी। रामकेश बोले- पायलट ने कांगेस सरकार गिराने के लिए गदर मचाया था, हम नहीं होते तो सरकार गिर जाती। आपको बता दे, कि रामकेश पहले भी पायलट के खिलाफ इस तरह की बयानवाजी कर चुके है। इसी तरह दूसरे सलाहकार बनाए गए बाबूलाल नागर ने भी पायलट के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल रखा था। दोनों ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत खेमे के माने जाते हैं।