उदयपुर से भगवान प्रजापत।
मेवल की महारानी के रूप में मां ईडाणा जब भी अग्नि स्नान करती है तो स्वतः ही अग्नि प्रज्वलित हो जाती है और सारा श्रृंगार जलकर भस्म हो जाता है। यह चमत्कार मेवल क्षेत्र में ईडाणा माता मंदिर में कई बार देखने को मिलता है।
इस साल ईडाणा माता ने पहली बार दीपावली पर यह अग्नि स्नान किया हैं। 4 महीने पहले मेवल के बम्बोरा के पास स्थित ईडाणा माता के मुख्य मंदिर से ज्योत लाकर उदयपुर के बड़गांव के मनोहरपुरा में प्रतिमा स्थापित की गई थी। इसके बाद से दर्शन के लिए यहां लोगों की भीड़ उमड़ रही है। जब पहाड़ी से धुंआ उठता देख लोग मंदिर पहुंचे तो वहां ईडाणा माता अग्नि स्नान कर रही थी। माता की प्रतिमा चारों तरफ से आग से घिरी थी। मान्यता है कि मां खुद से आग प्रज्वलित करती है। इस दौरान उनका सारा श्रृंगार भस्म भी हो जाता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि दीपावली पर मां ने पहली बार अग्नि स्नान किया है। अग्नि स्नान की सूचना जैसे ही आसपास फैली तो गांव के कई लोग मंदिर पहुंच गए। अग्नि स्नान करते हुए मां के अद्भुत स्वरूप के दर्शन किए। बता दें कि उदयपुर में स्थापना के बाद दीपावली के शुभ अवसर पर ईडाणा माता का यह पहला अग्नि स्नान है। ईडाणा माता का मुख्य मंदिर बम्बोरा के पास है। यहां भी माता खुद से आग प्रज्वलित कर अग्नि स्नान करती हैं। यह अग्नि स्नान साल में दो बार भी हो सकता है और इसका कोई समय तय नहीं है।

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