जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।

पंचायत चुनावों और विधानसभा उपचुनावों में जीत के बाद जिला और ब्लॉक लेवल की राजनीतिक नियुक्तियों की कवायद एक बार फिर से तेज हो गई है। सत्ता और संगठन में जिला और ब्लॉक लेवल पर होने वाली राजनीतिक नियुक्तियों में समायोजन किए जाने वाले कार्यकर्ताओं और नेताओं के नाम विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से मांगे गए हैं। राजस्थान प्रदेश के मंत्रियों और विधायकों और वरिष्ठ नेताओं को इसी महीने के अंत तक नामों की सूची प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भेजनी है। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस और सीएम गहलोत के सचिवालय से  मंत्रियों, विधायकों और कांग्रेस के बड़े नेताओं को संदेश भेजकर कहा गया है कि वह अपने क्षेत्र के नेताओं और कार्यकर्ताओं के नाम तत्काल प्रदेश कांग्रेस कार्यालय और मुख्यमंत्री सचिवालय को प्रेषित किए जाएं। जिससे कि समर्पित और निष्ठावान राजनीतिक कार्यकर्ताओं और नेताओं को सरकार में जिला और ब्लॉक स्तर पर भागीदारी की दी जा सके। दरअसल जयपुर के दो और जोधपुर जिले के दो नगर निगमों सहित 30 से ज्यादा निकायों में अभी भी मनोनीत पार्षदों का मामला अटका हुआ है। इन निकायों में भी मनोनीत पार्षदों के लिए विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से ना मांगे गए हैं। निकायों में मनोनीत पार्षदों में होने वाली राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर भी कार्यकर्ताओं ने लगातार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर दबाव बनाया हुआ है। 85 समितियां जिनमें राजनीतिक नियुक्तियां होनी हैं, लेकिन प्रदेश कांग्रेस ने पूर्व में जिला स्तरीय समितियों में केवल 15 ही समितियों में राजनीतिक नियुक्तियों के लिए नाम मांगे हैं। दावा किया गया था कि इन समितियों में 15 हजार कार्यकर्ताओं को राजनीतिक नियु्क्तियों में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं को हिस्सेदारी मिलेगी। जिला स्तरीय इन समितियों में राजनीतिक नियुक्तियां होगी। इसमें प्रमुख रूप से जन अभाव अभियोग निराकरण समिति,जिला स्तरीय समन्वय समिति, जिला स्तरीय समीक्षा एवं संचालन समिति, जिला लोक शिक्षा समिति,प्रधानमंत्री 15 सूत्री कार्यक्रम,जिला स्तरीय अल्पसंख्यक मामलात कमेटी,जिला स्तरीय जल वितरण समिति,संभाग स्तरीय जल वितरण समिति, जिला महिला सहायता समिति,जिला क्रीड़ा परिषद समिति, 20 सूत्री कार्यक्रम आयोजन क्रियान्वयन एवं समन्वय समिति के सदस्यों की नियुक्ति की जानी है। वही उपखंड स्तर पर इन समितियों में राजनीतिक नियुक्तियां होगी। इसमें प्रमुख रूप से उपखंड स्तरीय सतर्कता समिति, उपखंड स्तरीय वन अधिकारी समिति,उपखंड स्तरीय समीक्षा एवं संचालन समिति,पेय जल प्रदूषण की रोकथाम  के लिए समिति और उपखंड स्तरीय जल वितरण समिति के सदस्यों की नियुक्ति की जानी है।