अवनीश पाराशर/ पुनीत भारद्वाज।
करौली जिले के हिण्डौन सिटी उपखंड मुख्यालय स्थित राजकीय अस्पताल मे मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने भले ही जिला अस्पताल का दर्जा दे दिया है, लेकिन अस्पताल में आवश्यक सुविधाओं के अभाव के कारण मरीजों और चिकित्साकर्मियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला आज दोपहर 12 बजे एक घंटे के लिए अस्पताल की बत्ती गुल हो गई। ऐसे में भर्ती मरीजों को मोबाइल की टॉर्च के उजाले में उपचार देना पड़ा। 
सरकारी जिला अस्पताल में बिजली बाधित होने पर बिजली सप्लाई सुचारू रखने के लिए 50 केवी का जनरेटर लगा हुआ है, लेकिन कई दिनों से जनरेटर की बैटरियां डिस्चार्ज हो गई हैं। यही वजह है कि जब बिजली सप्लाई बाधित होती है, तब अस्पताल के कक्षों में अंधेरा हो जाता है। आज भी बत्ती गुल होने पर ऐसी ही स्थिति बन गई। मेडिकल वार्ड में चिकित्साकर्मियों को मोबाइल की टॉर्च के उजाले में मरीजों को इंजेक्शन लगाते एवं बोतलें चढ़ाते हुए देखा गया।
 
मरीज को ही उजाले के लिए जलानी पड़ी मोबाइल की टॉर्च
पटोंदा निवासी मोहन सिंह बुखार से पीडित होने पर सरकारी जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती हुआ। देखा गया कि बोतल चढाने के लिए चिकित्साकर्मी जब उसके एक हाथ में कैनुला लगा रहा था, तब दूसरे हाथ से मोहन सिंह ने उजाले के लिए मोबाइल पकडा हुआ था। मोबाइल की टॉर्च के उजाले में मोहन सिंह के हाथ में चिकित्साकर्मी ने कैनुला लगाकर बोतल शुरू की। मोहन सिंह ने यह भी बताया कि अंधेरा होने के कारण उसके हाथ की नस में कैनुला सही प्रकार से नहीं लग पाया, जिससे खून बाहर आ गया।
 
एक घंटे परेशान रहे 88 मरीज
सरकारी जिला अस्पताल में दोपहर 12 से एक बजे तक बत्ती गुल रही। इस दौरान अस्पताल के मेडिकल एवं सर्जीकल वार्डों में भर्ती 88 मरीजों को अंधेरा होने से काफी परेशानी का सामना करना पडा। मरीजों के परिजन भी परेशान हुए। आपको बता दे, कि आज मेडिकल वार्ड में 18 नए मरीज भर्ती हुए, जबकि 30 मरीज पहले से ही भर्ती थे। इसी प्रकार सर्जीकल वार्ड में 40 मरीज भर्ती थे।
 
पीएमओ बोले- नया जनरेटर आने पर ही होगा स्थायी समाधान।
अस्पताल के पीएमओ डॉ. नमोनारायण मीना ने बताया कि मौजूदा दिनों में 50 केवी का जनरेटर अस्पताल में लगा हुआ है, लेकिन कुछ दिनों से उसकी बैटरियां डिस्चार्ज होने से बिजली सप्लाई सुचारू नहीं रह पा रही है। सरकार ने 200 केवी का नया जनरेटर स्वीकृत किया है। वह पूना से हिण्डौन के लिए रवाना भी हो चुका है। नए जनरेटर आने पर ही समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।