जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 3 कृषि कानून वापस लेने पर किसानों के बधाई दी है। सीएम गहलोत ने कहा कि 'मैं अपनी और प्रदेशवासियों की ओर से किसानों को बधाई देता हूं'। उनके संघर्ष को सलाम करता हूं। मोदी सरकार ने घबराट में यह फैसला लिया है। मोदी सरकार ने कृषि कानून वापस लेने को फैसला यूपी के चुनाव को देखते हुए लिया है। पीएम मोदी को मालूम है कि अगर यूपी में चुनाव हार गए तो फिर 2024 में कामयाब होने के सपने सपने ही रह जाएंगे। मुख्ममंत्री गहलोत ने कहा कि मोदी सरकार को किसानों के आय दोगुनी करने के वादे को भी पूरा करना चाहिए। चुनाव जीतने के लिए प्रधानमंत्री यूपी में डेरा डाले हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को यूपी चुनाव की जिम्मेदीरी सौंपी है. उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि भाजपा में चुनाव हारने की घबराहट पैदा हो गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि आजादी के बाद 1 साल तक संघर्ष कर किसानों ने इतिहास बनाया है। मोदी और उनकी सरकार के मंत्रियों को पंजाब और हरियाणा बॉर्डर पर बैठे हुए किसानों की भावना समझने में देर हुई है। इसी कारण यह संघर्ष चलता रहा किसानों की मौत हुई। भाजपा की प्रकृति में घमंड है। पश्चिम बंगाल में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा है।उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश और राजस्थान में हुए उपचुनाव में हार के बाद मोदी सरकार ने ₹5 और ₹10 पेट्रोल- डीजल पर कम किए हैं। हम मांग करते हैं कि महंगाई बहुत ज्यादा है। देश में बेरोजगारों की संख्या बढ़ती जा रही है। राजस्थान सरकार एक लाख नौकरियां दे चुकी है और 70 हजार नौकरियों का काम चल रहा है। उसी तरह से भारत सरकार को आगे आना चाहिए। महंगाई की मार बहुत भयंकर है। महंगाई कम करना चाहिए। मैं पीएम मोदी को कहना चाहूंगा कि समय रहते पेट्रोल-डीजल के दाम और कम करें। सीएम गहलोत ने कहा कि
प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद भी किसानों के मन में शक है। यह क्रेडिबिलिटी का संकट है। इसको भी पीएम मोदी को समझना चाहिए। इसलिए हम बार-बार कह रहे हैं कि देश किस दिशा में जाएगा। इसके लिए ज्यादा कोई नहीं जानता। मोदी सरकार ने जांच एजेंसियों सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग पर दबाव बना रखा है। यह पूरा देश जानता है। जांच एजेंसियां दबाव में काम कर रही है। विपक्षी नेताओं पर छापे मारे जा रहे हैं।
कोरोना के केसों को लेकर चिंतित नजर आए सीएम गहलोत।
सीएम गहलोत ने कहा कि राजस्थान में हम पूरी तैयारी कर रहे हैं। लेकिन यूरोप में कोविड-19 फिर सिर उठा रहा है। पूरे विश्व में चिंता होना स्वभाविक है। यह भी कहावत है कि यूरोप में जब आता है कोरोना तो उसके 2 महीने बाद एशिया में भी प्रवेश कर जाता है। ऐसे में हमें चिंता है कि राजस्थान और देश में कोरोना की संख्या बढ़ी है। इसीलिए शुक्रवार को भी रिव्यू किया है। हमने फैसला किया है प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखेंगे कि देश में बूस्टर डोज जिसे तीसरी डोज कहते हैं वह लगाई जाए। हम मांग कर रहे हैं कि उस पर प्रधानमंत्री विचार करें। तीसरी यानी बूस्टर डोज जारी करें। ताकि तीसरी लहर आने से बचाव हो सके। छोटे बच्चों के लिए स्कूलों में आना खतरनाक है। तीसरी लहर आनी नहीं चाहिए। हम यही सोच रहे हैं।

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