चित्तौड़गढ़ से गोपाल चतुर्वेदी की रिपोर्ट।
चित्तौड़गढ़ में रोशनी का पर्व दीपावली जहां हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। वही शुक्रवार को गांव में दीपावली का पर्व गोवर्धन पूजा और अन्नकूट के रूप में मनाया गया। जिसमें गोवंश के गोबर से निर्मित गिरिराज गोवर्धन पर्वत की विशेष पूजा अर्चना की गई और विभिन्न मंदिरों में अन्नकूट का आयोजन भी किया गया। इसके बारे में जानकारी देते हुए ग्रहणी प्रियंका द्विवेदी ने बताया कि दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है।इसी को लेकर आज गोवंश के गोबर से गोवर्धन बनाकर उसकी पूजा की गई। उन्होंने बताया कि इस पूजा का विशेष महत्व यह भी है कि भगवान श्री कृष्ण को समर्पित यह पूजा घर में सुख समृद्धि भी लाती है। वहीं घरों में गाय, बछड़ों अन्य मवेशियों का श्रंगार कर पूजा भी की गई। ग्रहणी नूतन द्विवेदी ने बताया कि दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा के साथ साथ मंदिरों और घरों में अन्नकूट का आयोजन भी किया जाता है।यह एक तरह से पकवान होता है जिसे कई सब्जियों को मिलाकर बनाया जाता है और भगवान को भोग लगाकर इसका प्रसाद ग्रहण किया जाता है।गौरतलब है कि दीपावली के अगले दिन मनाया जाने वाला गोवर्धन पूजा का ग्रामीण क्षेत्रों में एक अलग ही महत्व माना जाता है l जिसमें खास तौर पर किसान वर्ग प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करने के बाद गाय के गोबर से भगवान गिरिराज गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाने के साथ ही पशुधन गाय बछड़े की पूजा अर्चना कर उसे दुग्ध से स्नान करवाने के बाद अन्नकूट का भोग लगाया जाता हैl

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