कोटा हंसपाल यादव।

कोटा मे ‘‘प्रशासन गांवों के संग अभियान’’ के तहत जाखोड़ा में आयोजित शिविर में पूर्व संसदीय सचिव भवानी सिंह राजावत सैंकड़ों लोगों के साथ जा धमके। जिससे शिविर में अफरा तफरी मच गई। शिविर के बीच ही उन्होंने जनता को सम्बोधित करते हुए प्रशासन को आड़े हाथों लिया कि बिजली, पानी व अन्य आवश्यक सेवाओं वाले विभागों के अधिकारी नदारद हैं। 3 साल से सोई हुई सरकार अब सुध ले रही है। पूरे क्षेत्र की सड़कें टूटी हुई पड़ी हैं। 2 साल से किसानों को फसल खराबे का मुआवजा नहीं मिला है। हाल ही में आई बाढ़ में लाडपुरा की फसलें डूब गई लेकिन किसानों को कोई सहायता नहीं मिली है। ऐसे में शिविर लगाने का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यही रवैया रहा तो जनता आने वाले समय में विरोध करेगी और प्रशासन गांवों के संग शिविर कहीं भी नहीं लगने दिया जायेगा। राजावत ने कहा कि भाजपा शासन में जाखोड़ा से किशनपुरा, सांगोद रोड़ से जाखोड़ा, सांगोद रोड़ से गलाना, बृजेशपुरा से मानसगांव सहित दो दर्जन से अधिक सड़कें स्वीकृत हुई। लेकिन 3 साल में कांग्रेस सरकार ने इन सड़कों को बनाना तो दूर एक कंकर भी नहीं रखा। बदहाली का आलम यह है कि वाहन चलाना तो दूर लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। फसल खराबे का मुआवजा पाने के लिए किसान 2 साल से मारे मारे फिर रहे हैं। जबकि भाजपा शासन में किसानों को 15 दिन में मुआवजा मिलता रहा है। इसी प्रकार ग्रामीणों को राहत देने के बजाय आये दिन लाखों रूपये की वीसीआर भरना, कनेक्शन काटना, जबरन डीपी उठा ले जाना विद्युत विभाग ने अपना ध्येय बना लिया है। लगातार किसानों पर अन्याय हो रहा है। ऐसे में प्रशासन गांवों के संग शिविर लगाना मात्र नोटंकी ही साबित हो रहा है।अगर गांवों के लोगों पर यह अन्याय और जुल्म होता रहा तो आने वाले समय में प्रशासन की ईंट से ईंट बजा दी जायेगी। राजावत के साथ शिविर में कैथून के पूर्व मण्डल अध्यक्ष राजकुमार नन्दवाना, बालापुरा लिफ्ट के अध्यक्ष बद्रीलाल नागर, पूर्व अध्यक्ष मूलचन्द नागर, जाखोड़ा सरपंच टीकम सुमन, भूमि विकास बैंक के निदेशक दुर्गाशंकर नागर, एसटी मोर्चा के मण्डल अध्यक्ष गिरिराज मीणा, ओबीसी मोर्चा के प्रकाशवीर नागर, किसान मोर्चा के शंकरलाल नागर, किसान मोर्चा महामंत्री महावीर सुमन, पूर्व मण्डल अध्यक्ष कान सिंह, युवा मोर्चा के हरीश नागर आदि प्रमुख थे।