जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की मेवाड़ यात्रा के समय को लेकर नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने एक बयान देकर फिर भाजपा मे वर्चस्व की लडाई और आपसी खीचतान को उजागर कर दिया है। दरअसल कटारिया ने एक बयान देते हुए कहा कि किसी के यहां मौत हो जाने पर बैठने जाना सामान्य शिष्टाचार है, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे यदि यही काम थोड़ा पहले करतीं तो उसका ज्यादा महत्व रहता। कटारिया ने कहा कि इतना लंबा समय गुजर जाने के बाद वहां जाकर ढांढस बंधाना एक तरीके से संशय पैदा करने वाला काम हो जाता है। जयपुर में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने दिए बयान में यह भी कहा कि जहां तक देव दर्शन की बात है, तो भगवान के द्वार तो भक्तों के लिए हमेशा खुले हैं। उसमें किसी को क्या एतराज होना चाहिए। आपको बता दे,कि कटारिया ने अपने इस बयान के जरिए राजे के मेवाड़ दौरे के समय पर भी सवाल खड़े कर दिए। क्योंकि पिछले दिनों यहां 2 सीटों धरियावद और वल्लभनगर पर उपचुनाव हुए जिनमें भाजपा को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा, लेकिन तब पूर्व मुख्यमंत्री उपचुनाव से दूर रही थीं। वही अब राजे की इस यात्रा को लेकर अपने ही पार्टी के कद्दावर नेता ने सवाल खडे कर ही दिये है तो कांग्रेस नेताओं को भाजपा को घेरने के लिए जरुर एक मुद्दा और मिल गया है।

वंसुधरा बोली मेरी यात्रा कोई राजनीतिक यात्रा नहीं।
पूर्व मुख्यमंत्री वंसुधरा राजे ने भी एक बयान जारी कर कहा है कि उनका मेवाड़ दौरे से जुड़ा यह कार्यक्रम राजनीतिक यात्रा नहीं है। राजे ने कहा कि उनके अपने सहयोगी के निधन पर संवेदना व्यक्त करने के कार्यक्रम को कुछ लोग राजनीति यात्रा बताकर भ्रम फैला रहे हैं। शोक व्यक्त करने का यह कार्यक्रम राजनीतिक यात्रा नहीं है। राजे ने कहा कि कोरोना के कारण चल बसे अपनों को श्रद्धा सुमन अर्पित करने और भगवान के दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली की कामना करने आई हूं।
आपको बता दें, कि वंसुधरा राजे मंगलवार से मेवाड़ यात्रा पर हैं। इस दौरान वे कई मंदिरों में दर्शन भी करेंगी और पूर्व में दिवंगत हुए नेताओं के घर पहुंच कर परिजनों को ढांढस भी बंधाएगी।