चित्तौड़गढ़ ब्यूरो रिपोर्ट।
चितौड़गढ़ के बड़ी सादड़ी नगर पालिका अध्यक्ष निर्मल पितलिया ने जज के सामने सरेंडर हो गए है। पितलिया रिश्वत और घर की तलाशी के दौरान मिली अवैध पिस्तौल के मामले में करीब 6 महीनों से फरार चल रहे थे। अग्रिम जमानत खारिज होने पर पितलिया ने मंगलवार को बड़ीसादड़ी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष सरेंडर किया है। इसके बाद न्यायालय ने पितलिया को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दिया है। जानकारी के मुताबिक उदयपुर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने गत 25 मई को बड़ी सादड़ी नगर पालिकाध्यक्ष निर्मल पितलिया के साले कुश शर्मा को बैंक में चेक से रिश्वत की राशि लेते पकड़ा था। भ्रष्टाचार की शिकायत करने वाले ठेकेदार विष्णु व्यास की फर्म से चेयरमैन ने रिश्वत के 2 लाख का चेक लिया था। इसे केश करवाने के लिए चेयरमैन ने अपने साले को बैंक में भेजा था। लेकिन वहां पहले से मौजूद एसीबी की टीम ने कुश शर्मा को रिश्वत की राशि के साथ गिरफ्तार कर लिया था। एसीबी कार्रवाई की भनक लगते ही निर्मल पितलिया अपने घर से फरार हो गया था। टीम ने पितलिया की गिरफ्तारी के लिए उसके घर पर दबिश दी थी लेकिन वह फरार हो गया। वहीं मकान की तलाशी के दौरान एसीबी को पिस्तौल और जिंदा कारतूस मिले थे। पिस्तौल के बारे में परिजनों से पूछताछ करने पर लायसेंसी होना बताया था, लेकिन लायसेंस मांगने पर नहीं दिखाया गया। इस पर करीब एक सप्ताह बाद बड़ी सादड़ी पुलिस ने एसीबी के निर्देश पर आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर लिया था। इसके बाद से ही एसीबी टीम और स्थानीय पुलिस को पितलिया की तलाश थी। इधर, बड़ी सादड़ी थानाधिकारी कैलाशचंद्र सोनी ने बताया कि न्यायालय में 6 महीने से फरार चल रहे पितलिया ने सरेंडर किया है। इसके बाद कोर्ट ने पितलिया को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दे दिया। बड़ी सादड़ी पुलिस ने पितलिया को गिरफ्तार कर लिया है और उसकी कोविड की जांच करवाई जाएगी।