सीकर ब्यूरो रिपोर्ट।

राजस्थान प्रदेश की सरकारी स्कूलों में अब थर्ड ग्रेड शिक्षक नहीं होंगे। इनकी जगह अध्यापक होंगे। शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षकों का थर्ड ग्रेड पदनाम बदलने की घोषणा की है।  रविवार को लक्ष्मणगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने थर्ड ग्रेड शब्द को शिक्षकों के लिए अनुचित बताते हुए नए पदनाम का ऐलान किया। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री डोटासरा ने कहा कि अध्यापक समाज में सबसे सम्मानित और पवित्र पेशा  तथा सेवा का कार्य है। लेकिन जब सब लोग उन्हें थर्ड ग्रेड बोलते हैं तो सुनने में बहुत अजीब लगता है। उन्होंने कहा कि कहीं भी जाओ तो सबके मुंह से ये ही सुनने को मिलता है कि साहब थर्ड ग्रेड का ट्रांसफर कब करेंगे।  डोटासरा ने कहा कि जिस प्रकार फस्ट ग्रेड के शिक्षकों को व्याख्याता और सैकंड ग्रेड के शिक्षकों को वरिष्ठ अध्यापक बोला जाता है उसी प्रकार थर्ड ग्रेड शिक्षकों को भी अब से अध्यापक ही बोला जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और शिक्षा राज्य मंत्री माधोपुरा की करमा बाई राजकीय महिला आईटीआई में भवन व आधारभूत सुविधाओं के निर्माण कार्य और राउमावि में अतिरिक्त कक्षा कक्षों के लोकार्पण तथा 33/11 केवी ग्रिड स्टेशन और उप स्वास्थ्य केंद्र के शिलान्यास समारोह के लिए अपने विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ पहुंचे थे।डोटासरा ने कहा कि थर्ड ग्रेड शिक्षकों के पदनाम बदलने के प्रस्ताव पर मुहर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगाएंगे। वे ही नए पदनाम की विधिवत घोषणा भी करेंगे। डोटासरा ने इस दौरान थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादलों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादलों के लिए 85 हजार आवेदन आए हैं। जिसे लेकन पॉलिसी बनाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। जो तैयार होते ही शिक्षकों के नियमानुसार तबादले किए जाएंगे।