ब्यूरो रिपोर्ट।
कोरोना की तीसरी लहर की दस्तक को देखते हुए केंद्र सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने 13 राज्यों को चिट्ठी लिखकर कोरोना टेस्टिंग की घटती तादाद पर चिंता जाहिर की है। वहीं, कर्नाटक के धारवाड़ के SDM मेडिकल कॉलेज में 66 स्टूडेंट कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। सभी स्टूडेंट्स दोनों वैक्सीन की डोज़ ले चुके थे। 400 छात्रों वाले इस कॉलेज की बिल्डिंग के साथ ही 2 हॉस्टल भी सील कर दिए गए हैं। 300 छात्रों की कोरोना रिपोर्ट आ चुकी है। 100 की रिपोर्ट आनी बाकी है। धारवाड़ के डिप्टी कमिश्नर नितेश पाटिल ने बताया कि करीब एक सप्ताह पहले कुछ स्टूडेंट एक प्रोग्राम में शामिल हुए थे। उन छात्रों का कोरोना टेस्ट करने पर सभी पॉजिटिव पाए गए हैं। उनके प्राइमरी और सेकेंडरी कॉन्टेक्ट तलाशे जा रहे हैं।
बंगाल में पॉजिटिविटी रेट बढ़ने पर चिंता जताई।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने चिट्ठी में कहा है कि अगर टेस्टिंग में कमी की गई तो संक्रमण का सही आकलन नहीं किया जा सकेगा। चिट्ठी में कहा गया है कि पिछले कुछ दिनों के अंदर बंगाल सहित कई राज्यों में पॉजिटिविटी रेट भी बढ़ रहा है। स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने पत्र में लिखा कि टेस्टिंग ठीक से नहीं की गई तो लोगों में संक्रमण फैलने का सही अनुमान लगाना मुश्किल होगा। उन्होंने बंगाल के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव स्वरूप निगम को पत्र लिखकर कहा कि जून 2021 तक एवरेज 67,644 टेस्ट किए जा रहे थे। इन्हें अब घटाकर 22 नवंबर तक 38,600 टेस्ट रोजाना कर दिया गया है।
एंटीजन टेस्ट की जगह RT-PCR पर ध्यान दें।
भूषण ने पत्र में आगे लिखा कि बंगाल में इस वक्त पॉजिटिविटी रेट 2.1% है। पिछले 4 हफ्तों में यह सबसे ज्यादा है। कई जिलों में पॉजिटिविटी रेट बढ़ रहा है। इनमें दार्जिलिंग, दक्षिण दिनाजपुर, हावड़ा, पश्चिम 24 परगना, दक्षिण 24-परगना, जलपाईगुड़ी और कोलकाता शामिल हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि एंटीजन टेस्ट की जगह RT-PCR टेस्ट पर ज्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए।

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