कोटा से हंसपाल यादव।

कोटा के रेलवे कॉलोनी इलाके में एक युवक ने फोन पर मिल रही जान से मारने की धमकी से मानसिक तनाव में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जिसका शुक्रवार को पोस्टमार्टम पुलिस ने करवाया। देवउठनी पर युवक की शादी होने वाली थी, युवक की मौत के बाद परिवार में मातम पसर गया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

मृतक के भाई द्वारा पुलिस को दिया गया यह सुसाइड नोट 

 रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र के बालाजी नगर निवासी चंद्रप्रकाश (23) पुत्र हजारीलाल कुम्हार ने दोपहर को अपने कमरे में पंखे के कड़े से फांसी लगाकर लटक गया। जिसको अस्पताल लाने पर चिकित्सको ने मृत घोषित कर दिया। 

देव उठानी ग्यारस पर थी शादी

मृतक चंद्रप्रकाश की देवउठनी पर 14 तारीख को शादी होनी थी। जिसकी 7 नवंबर को लग्न आनी थी। चंद्र प्रकाश की शादी काला तलाब में तय हुई थी। परिजन शादी की तैयारियो में लगे हुए  थे। गुरुवार को युवक 9 बजे घर से काम के लिए निकला था। जहां से 12 बजे करीब वापस घर लौट आया, ओर आते ही अपने कमरे में चला गया। बड़ा भाई सोनू उसको कमरे में बुलाने गया तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तुड़वाया गया तो चंद्रप्रकाश फांसी पर लटका हुआ मिला। डॉक्टर द्वारा युवक को मृत घोषित करने पर परिवार में शादी की खुशियां मातम में बदल गई।

फोन पर मिल रही थी धमकियां, सीआई से बात करवाई 

शादी से पहले युवक की मौत पर परिजन पूरी तरह अचंभित है। जब परिजन शव को लेकर मोर्चरी की ओर जा रहे थे तो मृतक के मोबाइल पर फोन आया। मृतक के बड़े भाई मुकुट बिहारी ने फोन उठाया तो सामने से फोन करने वाले ने कहा कि मैं डॉन बोल रहा हूं चंद्रप्रकाश से मेरी बात कराओ और भद्दी भद्दी गालियां देने लगा। कुछ देर बाद वापस उसका कॉल आया परिजन ने मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों से जब बात करवाई तो फिर उसने धमकी भरे लहजे में कहां की मैं डॉन बोल रहा हूं और नयापुरा आ चुका हूं बता कहां पर आना है। इस पर पुलिसकर्मी ने उसे एमबीएस अस्पताल आने के लिए कहां।लेकिन बदमाश वहां नहीं आया। अज्ञात व्यक्ति के फोन कॉल के बाद परिजनों ने युवक को हत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की हैं। मृतक युवक के भाई मुकुट बिहारी ने बताया कि माता-पिता लोग बड़ा भाई गांव में रहते हैं मै स्वयं अपने परिवार के साथ गोपाल विहार कॉलोनी में रहता हूं। बालाजी नगर में छोटा भाई चंद्र प्रकाश रह रहे थे। चंद्रप्रकाश ठेकेदारी का काम करता था जिसकी देवउठनी पर 14 नवंबर को काला तालाब रेलवे कॉलोनी में बारात जाने वाली।