कर्मचारियों की विभिन्न मांगों के लिए उनकी संघर्ष समिति का प्रतिनिधि मंडल मुख्य सचिव निरंजन आर्य से मिला। मुख्य सचिव के निर्देश पर कार्मिक विभाग के अधिकारियों से वार्ता हुई।
कार्मिक विभाग के अधिकारियों के साथ वार्ता में नवनियुक्त कनिष्ठ सहायक के जिला परिवर्तन के लिए एआरडी लिंक खोलने व एवं पदोन्नति में अनुभव में दो वर्षीय एक बारिय सीथिलन देने, 30 अक्टूबर 2017 के आदेश से हो रही कटौती को स्थगित करने तथा निदेशालय गठन पर सरकार की ओर से सहमति व्यक्त की गई।
राजस्थान राज्य मंत्रालयिक कर्मचारी संघर्ष समिति के संयोजक मंडल के सदस्यों ने बताया कि इस वार्ता में कुछ बातों पर सहमति तो बन गई, लेकिन कई डिमांड अभी भी पूरी नहीं हुई हैं। इसके लिए समिति लगातार संघर्ष करती रहेगी। जिन मांगों पर गौर नहीं किया गया, उनमें 30 अक्टूबर 2017 के वेतन कटौती के आदेश को वापस नहीं लेने, सचिवालय के समान वेतन एवं पदोन्नति के अवसर व पदोन्नति के शेष 11000 पद स्रजित नहीं करने, पंचायत राज के मंत्रालयिक कर्मचारियों के पदोन्नति के अवसर के लिए पदोन्नति के पदों का सृजन नहीं करने जैसे बिंदु शामिल हैं।
आंदोलन जारी रखने का फैसला
ऐसी स्थिति में संघर्ष समिति ने आंदोलन को चरणबद्ध जारी रखने के निर्णय की सरकार को जानकारी दे दी गई है। संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल में गजेंद्र सिंह राठौड़, महेंद्र सिंह धायल, राजेश पारीक, शंभू सिंह राठौड़, सुरेश धाबाई, शेर सिंह यादव, शेर सिंह चौधरी, सूरज प्रकाश टाक, देवेंद्र सिंह नरूका, बलराम गुर्जर, उमेश शर्मा, गिर्राज चौधरी सहित 21 कर्मचारी नेता मौजूद रहे।


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