धौलपुर ब्यूरो रिपोर्ट।

धौलपुर जिले के गांव अमानपुरा के ग्रामीण और बच्चे 26 अक्टूबर को होने वाले पंचायत चुनाव का बहिष्कार कर भूख हड़ताल पर बैठ गए। पिछले तीन दिन से ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। ग्रामीणों ने शनिवार को कांग्रेस प्रत्याशी का घेराव कर बिना प्रचार किए हुए लौटा दिया। ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। अमानपुरा के सैकड़ों की तादाद में बच्चे, महिला और पुरुष रविवार को भूख हड़ताल पर बैठ गए। सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर जमकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बताया कि आजादी से अब तक गांव के अंदर सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। सड़क के अभाव में बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने बताया कि बरसाती सीजन में ग्रामीणों का निकलना दुश्वार हो जाता है। कोई व्यक्ति अगर बीमार होता है तो उसके लिए सबसे अधिक मुसीबत खड़ी हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या को लेकर पहले भी कई मर्तबा राजनेता और प्रशासन के अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन नेता और प्रशासन की तरफ से कोरे आश्वासन मिले हैं। बुनियादी समस्याओं के साथ ग्रामीण सड़क निर्माण की समस्या से परेशान हैं। रविवार को ग्रामीण स्कूली बच्चों को साथ लेकर भूख हड़ताल पर बैठ गए। ग्रामीणों की सबसे ज्यादा नाराजगी स्थानीय कांग्रेस के विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा के खिलाफ है। ग्रामीणो का कहना है कि विधानसभा चुनाव के दौरान विधायक ने सड़क निर्माण कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन वोट लेने के बाद विधायक वादे से मुकर गया। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले 3 दिन से उनका प्रदर्शन चल रहा है लेकिन किसी भी राजनेता और अधिकारी के मामले में सुनवाई नहीं की है। ग्रामीणों ने कहा कि पंचायती चुनाव में मतदान का बहिष्कार करेंगे। जब तक गांव के लिए सड़क का निर्माण नहीं होगा, तब तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया।