चित्तौड़गढ़ से गोपाल चतुर्वेदी की खास रिपोर्ट।

चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय पर जन कल्याणकारी  मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना ने 2 अक्टूबर को सफलता पूर्वक दस वर्ष पूरे कर लिए है l वहीं जरूरतमंदों के लिए यह योजना वरदान साबित हो रही है। जिसमे इस योजना में कई गंभीर बीमारियों की दवा भी अब निशुल्क उपलब्ध हो रही है । चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय पर स्थित जिला राजकीय सांवलियाजी चिकित्सालय में संचालित हो रही निशुल्क दवा योजना ने 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं । इस योजना की शुरुआत 10  वर्ष पहले आज ही के दिन 2 अक्टूबर 2011 को इस जन कल्याणकारी योजना की शुरुआत मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कर कमलों से हुई थी। जो कि आज तक निर्बाध रूप से जारी है । इसकी जानकारी देते हुए जिला राजकीय चिकित्सालय मे फार्मासिस्ट धनराज सालवी ने बताया की वर्तमान मे चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय पर जिले के सबसे बड़े जिला राजकीय सांवलियाजी चिकित्सालय एवं महिला एवं बाल चिकित्सालय मे डीडीसी के कुल 7 काउंटर संचालित हो रहे है l इसके अलावा गांधी नगर,डिस्पेंसरी, जेल डिस्पेंसरी, पांडल  पोल डिस्पेंसरी, सहित लगभग नौ से अधिक स्थानों पर निशुल्क दवा योजना का लाभ आमजन को निरंतर दिया जा रहा है l उन्होंने बताया की वर्तमान में इन निशुल्क दवा योजना काउंटरों पर 600 से अधिक विभिन्न प्रकार की बीमारियों की दवाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है l जिसमें कैंसर ड्रग्स,  डॉग बाइटस,  डायलिसिस, स्नेक बाइट, दिल के दौरे, थैलेसीमिया, सहित कई अन्य गंभीर बीमारियों की दवाएं भी निशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है l ज़ब कि बाजार में इन गंभीर बीमारियों की दवाओं की कीमत बहुत ज्यादा होने से आमजन पहले उपचार नहीं करवा पाता था l लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जब से मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना इन दवाओं की सुनिश्चित उपलब्धता इस योजना में करवाई  है, तब से आमजन को अपनी गंभीर बीमारियों की दवाओं के लिए भटकना नहीं पड़ रहा है और इन सभी काउंटरों पर यह दवा सुलभता से उपलब्ध हो रही है l वहीं इसके बारे मे अधिक जानकारी देते हुए फार्मासिस्ट अंगुरबाला जोशी ने बताया कि वर्तमान में जिला मुख्यालय पर 10 से अधिक दवा काउंटरों पर 30 से अधिक स्थाई फार्मासिस्ट कार्य कर रहे हैं l इसके अलावा 8 से 10 फार्मासिस्ट संविदा पर भी कार्य कर रहे हैं उन्होंने बताया कि निशुल्क दवा योजना लागू होने से महिला फार्मासिस्ट को भी रोजगार  मिलने के साथ संबल प्रदान किया है l भी उन्होंने संविदा पर कार्य कर रहे फार्मासिस्ट को स्थाई करने की मांग की है । गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 2 अक्टूबर 2011 से इस जनकल्याणकारी निशुल्क दवा योजना की शुरुआत की थी l जिसमें राज्य भर मे  लगभग 3000 से अधिक फार्मासिस्ट को इसमें रोजगार मिला l वही 2,000 से अधिक संविदा कर्मी भी इस में कार्यरत हैं l जिन्हें कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा एक बैठक में स्थाई करने की कवायद शुरू कर दी है l जिससे इन सभी संविदा पर कार्य कर रहे फार्मासिस्टो  में उत्साह का माहौल है।