धौलपुर मुनेश धाकरे।

ग्वालियर किले से चलकर आई सिखों के दसवें गुरु गोविंद साहेब की ऐतिहासिक नगर कीर्तन यात्रा धौलपुर पहुंची। यात्रा में सैकड़ो लोग धौलपुर पहुंचे हैं। जहां सिख समुदाय के लोगो ने यात्रा में आये लोगो का गर्मजोशी से स्वागत किया। 400 वर्ष पूर्व बादशाह जहांगीर के कब्जे से गुरु गोविंद साहब मुक्त हुए थे। जिसके उपलक्ष्य में सिख समुदाय द्वारा यात्रा निकाली जा रही है। जो 3 नवम्बर को अमृतसर पहुंचेगी। सिख समुदाय के संत गुरु दर्शन सिंह ने बताया कि 400 वर्ष पूर्व सिख समुदाय के छठवें गुरु गोविंद साहब को बादशाह जहांगीर ने बंधक बना लिया था। कई महीने तक उनको यातनाएं दी गई। आखिर में गुरु गोविंद साहब के तक एवं भक्ति से पराजित होकर बादशाह जहांगीर ने उनको बंधन से मुक्त कर दिया। गुरु गोविंद साहब के साथ उन्होंने 52 हिंदू राजाओं को भी मुक्त कराया था। तभी से एक समुदाय द्वारा बंदी छोड़ दिवस यात्रा की शुरुआत की गई है। यात्रा का शुभारंभ ग्वालियर शहर के किले से हुआ है। ऐतिहासिक नगर संकीर्तन यात्रा आगरा दिल्ली होते हुए तीन नवंबर को अमृतसर पहुंचेगी। यात्रा को लेकर सिख समुदाय में भारी उत्साह और उमंग देखी जा रही है। सिख समुदाय के अनुयायियों द्वारा शबद कीर्तन भी किए जा रहे हैं। यात्रा का काफिला फोर व्हीलर गाड़ी एवं बाइकों के साथ चल रहा है।