जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महावीर कैंसर हॉस्पिटल में कैंसर केयर भवन का शिलान्यास किया। अस्पताल में नए भवन के निर्माण के बाद बेड क्षमता 300 से बढ़कर 500 हो जाएगी जिससे मरीजों को सुविधा मिलेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि मेडिकल सेवाओं में अस्पतालों के अंदर अभी भी बहुत कमी है जिसमें स्वच्छता एक बड़ा बिंदु है। लोग अब सफाई को लेकर जागरूक हो रहे हैं। और ये बात सही है कि स्वच्छता है तो बीमारी पास नहीं आएगी। सीएम गहलोत ने कहा कि इस अस्पताल में नए भवन के निर्माण के बाद बेड क्षमता 300 से बढ़कर 500 हो जाएगी। इसके अलावा दूसरी सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा। मंच से सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि शिक्षा और चिकित्सा समाज की सेवा है, व्यापार नहीं है। इसमें प्रॉफिट नहीं कमाया जा सकता और जो कमाते हैं, वो गलत करते हैं।कैंसर केयर भवन के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मंच से सीएम ने कहा कि बीते डेढ़-पौने 2 साल से कोई मीटिंग नहीं कर पा रहे थे। ये आदत छूट सी गई थी, लेकिन अब वार्म अप होना शुरू किया है। पहले नागौर में चुनावी सभा की और अब इस कार्यक्रम में आए हैं। उम्मीद यही है कि कोरोना की थर्डवेव न आए, लेकिन राज्य सरकार ने तैयारी कर रखी है। सीएम ने विश्वास दिलाते हुए कहा कि राजस्थान में कोई भी लहर आये किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कोई कोरोना पेशेंट नहीं आ रहा, कोई मृत्यु नहीं हो रही। ऐसे में लगता है कि सब ठीक है। बावजूद इसके यही अपील है कि अभी भी मास्क लगाएं और सुरक्षित रहें, क्योंकि वेव अचानक आती है। कोरोना की दूसरी लहर भी अचानक ही आई थी। उस दौर में कई लोगों की मौत इसलिए हुई क्योंकि उन्होंने समय पर उपचार नहीं लिया। पहली लहर के समय केरल और जयपुर में एक-एक पेशेंट आए थे और फिर पूरा देश इसकी चपेट में आ गया था, लेकिन अब सारे इंतजाम कर रखे हैं। जहां तक वैक्सीनेशन की बात है, राजस्थान देश के टॉप चार राज्यों में शामिल है। वैक्सीन बहुत सुरक्षित है। समय से दूसरी डोज़ भी लगवानी चाहिए। सीएम गहलोत ने कहा कि कोरोना काल में जो ऑक्सीजन की मारामारी रही, उस को ध्यान में रखते हुए अब राजस्थान एक हजार मैट्रिक टन ऑक्सीजन क्षमता वाला राज्य बन गया है। हालांकि पहले ऑक्सीजन के लिए प्रदेश के मंत्रियों को दिल्ली भेजना पड़ा। पीएम, गृहमंत्री से लेकर सिक्योरिटी एडवाइजर तक से बात की, लेकिन राजस्थान को बदनाम नहीं होने दिया। ऑक्सीजन को मैनेज किया। गहलोत ने राज्य सरकार की चिरंजीवी योजना के बारे में बताया कि कांग्रेस सरकार ने पहले नारा दिया था, पहला सुख निरोगी काया। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने 3000 करोड़ की मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना शुरू की, जिसके तहत हर व्यक्ति को 5 लाख तक की मेडिकल सुविधा निशुल्क मिलेगी। इसमें भर्ती होने से 5 दिन पहले तक और 15 दिन बाद तक का खर्चा भी कवर किया जाएगा। ये सुविधा जीवन बीमा निगम की तरह नहीं, पहले जमा कराओ फिर बिल पेश करो और उसमें भी आनाकानी हो। इस योजना के तहत सुविधा कैशलेस है। इसका लोग लाभ भी उठा रहे हैं। राजस्थान सरकार की मंशा है कि आने वाले दिनों में और बेहतर मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जा सके और राजस्थान देश में एक मॉडल बने। राजस्थान में ही पहले मुख्यमंत्री निशुल्क दवा और जांच योजना शुरू हुई और अब चिरंजीवी योजना लेकर आए हैं। गांव में सीएससी को मॉडल बनाया जा रहा है। इससे पहले यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने कैंसर हॉस्पिटल के लिए गहलोत सरकार की ओर से पहले ही चार जमीन दिए जाने और विभिन्न प्रोजेक्ट से जुड़ी तीन से चार फ़ाइल आने की बात कहते हुए चुटकी लेते हुए कहा कि अस्पताल संचालक सरकार से करोड़ों की जमीन ले लेते हैं, लेकिन गरीबों को रियायत 10% देते हैं, इसे 20% तो किया जाए। हालांकि जमीन के इस मसले पर मंच से मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीन का मसला धारीवाल साहब और कोठारी साहब के बीच में हैं। पहले भी जमीन दी गई है और पब्लिक के काम के लिए सरकार पूरा सहयोग करेगी।

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