अवनीश पाराशर।

करौली पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा पर टोडाभीम विधायक पीआर मीणा द्वारा दो दिन पूर्व सीएम को पत्र लिखकर बजरी खनन करवाने, सभी थानों से मासिक बंधी लेने सहित लगाए गए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपो को जिले के सर्वसमाज के लोगों ने झूठा एवं मनगढ़ंत बताते हुए विधायक पीआर मीणा के पत्र की जमकर निंदा की हैं और साथ ही पुलिस अधीक्षक के समर्थन में विधायक द्वारा की गई शिकायत पर तबादला नहीं करने की मांग करते हुए सीएम अशोक गहलोत के नाम एडीएम परसराम मीणा को ज्ञापन सौंपा है। साथी आक्रोशित सर्व समाज के लोगों द्वारा विधायक पीआर मीना से माफी मांगने की मांग की गई है। सर्वसमाज के लोगों द्वारा सोमवार को सीएम अशोक गहलोत के नाम एडीएम परसराम मीणा को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि करौली जिले की विधानसभा टोडाभीम के विधायक पीआर मीणा द्वारा 16 अक्टूबर को सीएम अशोक गहलोत को एक पत्र लिखा गया था जिसमे करौली पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के कार्य एवं व्यवहार को आमजन एवं जनप्रतिनिधियों के प्रतिकुल बताया गया था। पत्र में लिखा था कि करौली पुलिस अधीक्षक का व्यवहार गैर जिम्मेदाराना है और जिले में पुलिस अधीक्षक के संरक्षण में अवैध बजरी खनन करवाने, सभी थानों से मासिक बंधी लेने पर भारी भ्रष्टाचार पनप रहा है। जो पूर्व में बंद हो चुका था इसलिए पुलिस अधीक्षक को तुरंत करौली जिले से हटा कर किसी अन्य अधिकारी को जिले में पुलिस अधीक्षक लगाने की मांग की गई थी।

जबकि हकीकत यह है कि विधायक पीआर मीणा द्वारा पुलिस अधीक्षक करौली मृदुल कच्छावा पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद,मनगढ़ंत, तथ्यहीन व तर्कहीन हैं। पुलिस अधीक्षक का व्यवहार न केवल जनप्रतिनिधियों के साथ अच्छा है अपितु आमजन के साथ भी इतना सुमधुर व सौम्य है कि उनके व्यवहार व कार्यशैली की प्रशंसा करौली जिले में चहुओर होती है। खुद करौली विधायक लाखन सिंह मीणा,सपोटरा विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री रमेश चंद मीणा सहित हिंडौन सिटी विधायक भरोसी लाल जाटव उनके व्यवहार व कार्यशैली की प्रशंसा कर चुके हैं। जिले के सर्व समाज के लोगों ने बताया कि कोरोना महामारी की विकट परिस्थितियों में जिस प्रकार से पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने जिस प्रकार अपने कर्तव्य का पालन करते हुए जनता को राहत दी। उसका संपूर्ण करौली जिला साक्षी है।

चाहे जिले में स्मैक जैसे नशे के कारोबार के खिलाफ से बड़ी कार्रवाई हो या दस्युओ के आतंक से निजात दिलाना हो, या फिर पोक्सो एक्ट में सबसे जल्दी चालान पेश करना हो, अपराधियों की धरपकड़ से लेकर संवेदनशील मुद्दों को हल करने में पुलिस अधीक्षक ने बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। लोगो का कहना है कि जिले में मसरूर वारंटी भगोड़े, खनन माफिया, भू माफिया, जुआरी एव सटोरियों पर बहुत हद तक अंकुश लगाया जा चुका है। करौली की आम जनता पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के व्यवहार एवं ईमानदार कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी से प्रसन्न है।

पुलिस अधीक्षक का अपने कर्तव्य पालन के साथ-साथ जनता के साथ सामंजस, सद्भाव व सहयोग बहुत ही उच्च कोटि का है। इस दौरान सब समाज के बबलू शुक्ला हाकिम सिंह गुर्जर, उत्तम सिंह जादौन सहित शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे। बता दे, कि टोडाभीम विधायक पीआर मीणा द्वारा पुलिस अधीक्षक पर जब से व्यर्थ के आरोप लगाए गए हैं तभी से आम जनता में विधायक पी आर मीणा के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है यदि विधायक की शिकायत के आधार पर पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा का तबादला होता है तो जनता में सरकार के प्रति नकारात्मक संदेश जाएगा कि ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों को सरकार कार्य नहीं करने देती है। जिले के कई पूर्व विधायकों जैसे दर्शन सिंह गुर्जर, घनश्याम मेहर के द्वारा भी पुलिस अधीक्षक के व्यवहार कुशलता की तारीफ की गई है। सर्व समाज की जनता पुलिस अधीक्षक का तबादला नहीं करने की मांग करने के साथ ही टोडाभीम विधायक के द्वारा की गई शिकायत की कड़े शब्दों में निंदा करते करते हुए विधायक पृथ्वीराज से माफी मांगने की मांग की गई है।