अलवर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान सरकार में श्रम राज्य मंत्री टीकाराम जूली के अलवर में मोती डूंगरी ऑफिस के बाहर पांच श्रमिक हाथों में जहर की शीशी लेकर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि जिस मॉर्डन शूटिंग फैक्ट्री में मजदूरी की।
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उसका करीब 5-5 लाख रुपए का भुगतान कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं हो सका है। श्रम मंत्री के कहने पर कुछ नेताओं ने पिछले दिनों भुगतान कराने का आश्वासन देकर अनशन तुड़वा दिया था। लेकिन अब तक पैसा नहीं मिला। इस कारण अब जहर की शीशी लेकर आए हैं। श्रमिकों का कहना है कि नेता आकर हमें जहर पिला दें। आपको बता दे, कि श्रम मंत्री के कार्यालय के बाहर निरंजन सिंह सहित पांच श्रमिक धरने पर बैठे हैं। मंगलवार को वे शहीद स्मारक पहुंचे। वहां शहीदों के सामने पुष्प अर्पित किए। इसके बाद निरंजन सिंह ने हाथ में जहर की शीशी दिखाई। कहा उनको आश्वासन मिलने के बाद भी न्याय नहीं मिला। इस कारण मजबूरी में जहर की शीशी लेकर आए हैं। जिन लोगों ने पहले अस्पताल में उनका अनशन तुड़वाया। अब वही नेता आकर उनको जहर दें। असल में इन श्रमिकों ने मॉर्डन शूटिंग फैक्ट्री में काम किया था। सालों पहले फैक्ट्री भी बंद हो चुकी है। लेकिन श्रमिकों का पैसा पूरा नहीं दिया गया। जो साल दर साल बढ़ता गया। अब ये श्रमिक का करीब 5-5 लाख रुपए बकाया है। श्रम मंत्री पहले कह चुके कि यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट के आदेश के अनुसार श्रमिकों को राशि दी जानी चाहिए। अब असल में फैक्ट्री पहले ही बिक चुकी है। इस कारण वापस कानूनी मामला बन जाता है। हम श्रमिकों की कानूनी रूप से पूरी मदद करने को तैयार है। इसके अलावा सरकार व प्रशासन के स्तर पर इनका भुगतान कराने के प्रयास में लगे हैं।

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