चित्तौड़गढ़ से गोपाल चतुर्वेदी की रिपोर्ट।
राजस्थान में कोयले की कमी बताकर राजस्थान सरकार मनमर्जी से बिजली की कटौती कर रही है l इसी को लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा फाउंडेशन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की ओर से अनूठी पहल करते हुए मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए जिला कलेक्टर को करीब 80 किलो कोयला भेंट किया। पूरे प्रदेश में इस समय कोयले की कमी के चलते बिजली की अघोषित कटौती की जा रही है। जिसमें केंद्र और राज्य सरकार एक दूसरे पर लापरवाही करने का दोषारोपण भी कर रही है। वही अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा फाउंडेशन की ओर से एक अनूठी पहल करते हुए फाउंडेशन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री सहायता कोष के लिए लगभग 80 किलो से ज्यादा कोयला भेंट किया। इसकी जानकारी देते हुए जिला अध्यक्ष राजू अग्रवाल ने बताया कि विगत कई दिनों से राजस्थान के साथ चितौड़गढ़ में भी बिजली का संकट देखने को मिल रहा है। जिसका प्रमुख कारण कोयले की कमी बताई जा रही है। इसी को लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरिराज प्रसाद गुप्ता और राष्ट्रीय मंत्री पुष्पलता अत्रे के निर्देश पर राज्य सरकार के खजाने में 80 किलो कोयला भेंट किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकारी पावर प्लांट में कोयले का स्टॉक लगभग खत्म हो चुका है। इसी को देखते हुए 80 किलो से अधिक कोयला मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा कराया गया है।उन्होंने आमजन से अपील की है कि स्वेच्छा से कोयले की कमी को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष में कोयला भेंट करें। जिससे कि कोयले की कमी को कुछ हद तक पूरा किया जा सके। उदयपुर संभाग अध्यक्ष रेनू मिश्रा ने बताया कि आज के समय में शाम के खाने के समय से लेकर पूरी रात तक बिजली की कटौती की जा रही है। जिससे किसानों में आक्रोश व्याप्त है इसी के चलते मुख्यमंत्री सहायता कोष में कोयला जमा कराया गया है।इस अवसर पर प्रदेश मंत्री महेंद्र सिंह सूरजनियास, राजू अग्रवाल शंभूपुरा, तहसील मंत्री रतन लाल गुर्जर, भूरा लाल डांगी, मदन दास बैरागी, गोपाल सोनी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे

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