कटारिया का ऑडियो सामने आने के बाद वल्लभनगर में बीजपी की आपसी फूट की चर्चाओं को और बल मिल गया है। पिछले उपचुनाव में सहाड़ा से लादूलाल पितलिया के ऑडियोज ने चुनावी नरेटिव बदल दिया था। अब इन उपचुनावों में कटारिया के ऑडियो से शुरुआत हो चुकी है।
वल्लभनगर में कटारिया समर्थक को टिकट नहीं मिला
वल्लभनगर में कटारिया अपने समर्थक उदयलाल डांगी को टिकट दिलवाना चाहते थे। बीजेपी ने हिम्मत सिंह झाला को टिकट दे दिया। उदयलाल डांगी अब बागी होकर आरएलपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।डांगी 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार थे। कटारिया मान चुके हैं वल्लभनगर में उम्मीदवार बदलने से नुकसान हुआ है।
कटारिया और समर्थक की बातचीत
गुलाबचंद कटारिया : जहां तक बात कर सकते थे वहां बात कर ली। जहां फोन नहीं मिले, वहां क्या कर सकते थे?
समर्थक : अभी मोदीजी से बात नहीं कर सकते क्या अपन?
कटारिया : फोन नहीं मिला, जहां फोन नहीं मिले वहां हम क्या कर सकते हैं
समर्थक : सर, मर जाएंगे हम..
कटारिया : अब यार, क्या करें, मैं जो कर सकता हूं, वह कर दिया। इसमें आपके एमपी साहब का बहुत बड़ा रोल है। अब क्या करें, उनके साथी हैं, पार्टनर हैं, भगवान जाने क्या रोल है?
समर्थक : आप इतने वरिष्ठ हो, पुराने हो, क्या आपकी बात नहीं मानेंगे? कटारिया : जितनी चले, उतनी तो मैंने कह दिया, अब क्या करें? लड़ाई तो अब कर नहीं सकता सड़क पर। समर्थक : हमारे साथ आपका नाम भी खराब हो रहा है... कटारिया : अब यार हो रहा है तो हो जाएगा। पार्टी मेरी जरूरत समझेगी तो काम करेंगे, नहीं समझेगी तो नहीं करेंगे, मैं क्या करूं। अब मेरा नाम खराब हो रहा है तो फांसी लगाकर मरूं क्या? समर्थक : ऐसा तो नहीं कर सकते अपन, लेकिन दिल्ली में केंद्रीय नेताओं को तो कह सकते हैं। कटारिया : जिनको कहना था, उनको कह दिया। समर्थक : अभी नाम तो उनका ही चल रहा है। कटारिया : अभी ऊपर नाम हिम्मत सिंह का चला गया। समर्थक : अभी फेरबदल हो सकता है क्या? कटारिया: हो तो क्यों नहीं सकता है। हो तो सब सकता है। हमारी तरफ से जो करना था, वह तो कर दिया।

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