चित्तौड़गढ़ से गोपाल चतुर्वेदी की रिपोर्ट

भारतीय सेना की नौवीं ग्रेनेडियर रेजीमेंट की बटालियन ने बुधवार को पैदल मार्च करते हुए विश्व प्रसिद्ध चित्तौड़ दुर्ग का भ्रमण किया l वहीं दुर्ग भ्रमण के पश्चात बटालियन का गांधीनगर स्थित जोहर भवन मैं सम्मान किया गया l

स्वर्णिम दिवस समारोह के अवसर पर सेना की नौवीं ग्रेनेडियर बटालियन के करीब 70 जवान इन दिनों पुरे मेवाड मे महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़ी प्राचीन धरोहरो का बारीकी से निरीक्षण करके उसके बारे में जानकारी प्राप्त कर रहे हैं l इसी के अंतर्गत 9 ग्रेनेडियर बटालियन के जवानों ने गांधीनगर स्थित जोहर भवन से चित्तौड़ दुर्ग तक पैदल मार्च करते हुए दुर्ग का भ्रमण किया और दुर्ग के इतिहास की जानकारी ली l इसके पश्चात जोहर भवन में जवानों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया l जिसमें इसके बारे में जानकारी देते हुए कर्नल रणधीर सिंह ने बताया कि इस बटालियन 1971 की युद्ध में पाकिस्तान पर लेना एक जीत में महत्व पर भूमिका निभाई है l जिस समय पाकिस्तान के जनरल ने अपने  सैनिकों का समर्पण किया l अभी  बटालियन की छावनी एकलिंग सैन्य स्टेशन में है और वही से स्वर्णिम विजय समारोह मनाया जा रहा है l 

वह इस बारे में अधिक अधिक जानकारी देते हुए ग्रुप कमांडर दिलीप सिंह राठौड़ ने बताया कि भारतीय सेना की कई रेजिमेंट उत्पत्ति तत्कालीन रियासतों में हुई है l ऐसी ही एक रेजिडेंट ग्रेनेडियर्स की नोवी बटालियन अपने नाम के साथ मेवाड़ प्रत्यय का प्रयोग करती है l यह रेजिमेंट अभी वीरों के त्याग और बलिदान की धरती विषय के अंतर्गत मेवाड़ ट्रेल पर है l बहादुरी और बलिदान की गवाही देने वाले प्रसिद्ध स्थानों का दौरा कर रही है l डेजर्ट कोर के सैनिकों की टीम हल्दीघाटी, कुंभलगढ़,मातृकुंडिया, मंगलवाड़ होते हुए मंगलवार देर शाम चित्तौड़गढ़ पहुंची है l जहां पर उन्होंने आज विश्व प्रसिद्ध चित्तौड़ दुर्ग का भ्रमण किया है l और चित्तौड़ के इतिहास की जानकारी ली है l  इस समारोह के बाद ग्रेनेडियर बटालियन पैदल मार्च करते हुए विभिन्न मार्गो से होते हुए सैनिक स्कूल तक पहुंची l