जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।

गांधीवादी विचारक डॉ. एसएन सुब्बाराव का बुधवार सुबह निधन हो गया। मंगलवार को हार्ट अटैक के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महान शख्सियत को श्रद्धांजलि अर्पित करने का सिलसिला जारी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राज्यपाल कलराज मिश्र,विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी समेत कई गणमान्य लोगों ने सुब्बाराव के निधन पर अपना दुख जाहिर किया है। इससे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विनोबा भावे भवन पहुंच श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

गांधीवादी चिंतक एसएन सुब्बाराव का 93 वर्ष की उर्म मे हुआ निधन।

गांधीवादी चिंतक SN सुब्बाराव 93 साल के थे। बुधवार सुबह करीब सवा सात बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। मंगलवार को विधानसभा उपचुनावों के लिए प्रचार के बाद सीएम अशोक गहलोत अस्पताल पहुंचे थे। गांधीवादी विचारक डॉ. एसएन सुब्बाराव की तबीयत बीते कुछ दिनों से खराब चल रही थी। जानकारी के मुताबिक जयपुर  के सवाई मानसिंह अस्पताल में उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। लेकिन दिनों-दिन उनकी तबीयत लगातार बिगड़ गई थी। उनका पार्थिव देह विनोबा भावे भवन में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। जिसके बाद उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव के लिए अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।सीएम गहलोत ने वहां पहुंच कर श्रद्धांजलि दी। इससे पहले सीएम ने ट्वीट कर सुब्बाराव के निधन को व्यक्तिगत क्षति बताया था। 

राजस्थान से था खासा लगाव।

श्रमदान के लिए मशहूर इस गांधीवादी नेता का राजस्थान से खासा लगाव था। सुुब्बाराव पिछले कुछ दिनों से सवाई मान सिंह अस्पताल में भर्ती थे। सुब्बाराव गहलोत के कहने पर ही उपचार के लिए राजस्थान आ गए थे। तभी से वे यहीं रह रहे थे। युवाओं के प्रेरणा स्त्रोत माने जाने वाले गांधीवादी विचारक मूलत: कर्नाटक के रहने वाले थे।

सीएम गहलोत का भाईजी से था विशेष लगाव।

प्रसिद्व गांधीवादी चिंतक और राष्ट्रीय युवा योजना के पायोनियर डॉ एसएन सुब्बाराव को श्रद्धांजलि देकर बाहर निकले सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि भाई जी के गीत हमेशा वो सुनते आए हैं। आज भी उनके गीत सुनकर वो उनके अंतिम दर्शन करने पहुंचे थे। सीएम बोले भाई जी के एक एक शब्द उनके लिए प्रेरणास्पद हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धा स्वरूप वो इस तरह का प्रयास करेंगे और ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करेंगे कि सुब्बाराव के भाव से युवा पीढ़ी को परिचित करवा सकें। जिससे प्रेरणा लेकर युवा देश दुनिया में मानव की सेवा कर सके। बता दे, कि डॉ. एसएन सुब्बाराव को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सुब्बाराव की सेहत के प्रति बेहद चिंतित थे। यही वजह है कि 6 दिन 3 बार अस्पताल पहुंचकर उनकी कुशलक्षेम जानी थी। मुख्यमंत्री गहलोत ने एक बार प्राकृतिक चिकित्सालय और 2 बार एसएमएस अस्पताल पहुंचकर सुब्बाराव के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली थी। मंगलवार शाम हार्ट अटैक आने के बाद उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी।गांधीवादी विचारक डॉ. एसएन सुब्बाराव का कर्नाटक के बेंगलुरु में 7 फरवरी 1929 को जन्म हुआ था। सुब्बाराव स्कूल में पढ़ते समय महात्मा गांधी की शिक्षा से प्रेरित थे। वह 9 अगस्त 1942 को मात्र 13 साल की उम्र में आजादी आंदोलन से जुड़ गए थे। ब्रिटिश पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने पर उन्होंने दीवार पर 'QUIT INDIA' लिखा था। तभी से सुब्बा राव स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय हो गए थे। उन्होंने छात्र जीवन के दौरान स्टूडेंट कांग्रेस और राष्ट्र सेवा दल के कार्यक्रमों में भाग लिया था। सुब्बाराव पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित थे।