आते-जाते मानसून में नहाने के बाद के बाद पूरा राजस्थान अब 'अक्टूबर हीट' की चपेट में है। यह वो दौर है, जब सूरज की गर्मी और धरती के बीच बादल नहीं है। आसमान पूरा साफ है तो सूरज भी दस नवम्बर तक अपने तेवर दिखाने वाला है। पश्चिमी राजस्थान में मानसून का सबसे ज्यादा लुत्फ उठाने वाले जैसलमेर ने तपना शुरू कर दिया है, यहां तापमान अब 39 डिग्री सेल्सियस के पास पहुंच गया है, तो श्रीगंगानगर तो चालीस डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। जयपुर में 36 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

उदयपुर और कोटा के तापमान में भी दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने वाली है। कुल मिलाकर राजस्थान का पूर्वी हिस्सा हो या फिर पश्चिमी, सभी जिलों में नवम्बर के दूसरे सप्ताह तक गर्मी पड़ने वाली है। हालांकि ये हवाओं के रुख पर भी निर्भर करेगा कि कहां कितनी गर्मी पड़ने वाली है और कितनी उमस होगी?

यहां मानसून गया, तापमान बढ़ा
पश्चिमी राजस्थान में सबसे बाद में मानसून पहुंचा था और सबसे पहले यहां से विदा भी हो गया। यही कारण है कि यहां आसमान एकदम साफ हो गया है। ऐसे में तापमान में बढ़ोतरी शुरू हो गई है। सबसे ज्यादा गर्म जैसलमेर (38.6 डिग्री सेल्सियस) है, इसके बाद सर्वाधिक पारा बाड़मेर में 38.3 और बीकानेर में 38.6 डिग्री सेल्सियस हो गया है। जोधपुर जिले में पारा अब 37.4 है। जबकि फलौदी में ये 36.4 डिग्री सेल्सियस हो गया है। चूरू, हनुमानगढ़, व नागौर में भी पारा बढ़ते क्रम में आ गया है। श्रीगंगानगर में पिछले चौबीस घंटे में पारा चालीस डिग्री सेल्सियस के पास पहुंच गया।

क्या है अक्टूबर हीट
हर साल अक्टूबर शुरू होने के साथ ही मानसून विदाई ले लेता है। ऐसे में पूरे भारत में ही गर्मी बढ़ने लगती है। जैसे-जैसे बादल छंटते हैं, वैसे-वैसे गर्मी तेज होती जाती है। यह सिलसिला आमतौर पर अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में शुरू होता है और नवम्बर के दूसरे सप्ताह तक चलता है। इस पीरियड में पड़ने वाली गर्मी को अक्टूबर हीट कहा जाता है।

हवाओं का है सहारा
मौसम वैज्ञानिक हिमांशु शर्मा के मुताबिक आने वाले एक महीने में गर्मी का असर क्या रहेगा, ये हवाओं की दिशा पर भी निर्भर करता है। अगर हवा नॉर्थ साइड से आती है तो ये ठंडी होगी। इतनी ठंडी नहीं कि सर्दी लगने लगे, बल्कि इतनी ठंडी कि गर्मी के असर को कुछ कम कर दे। अगर हवाएं वेस्ट साइड से आती है तो तेज गर्मी पड़ सकती है। वहीं अगर ईस्ट साइड से हवाएं आई तो न सिर्फ गर्मी ज्यादा होगी, बल्कि उमस का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, इस दिशा से आने वाली हवाओं से मॉइश्चर बढ़ सकता है।

दीपावली पर गर्म कपड़ों को "ना"
आमतौर पर दीपावली पर हल्की ठंड पड़ने लगती है। ऐसे में शॉल जैसे ऊनी वस्त्र कुछ ओढ़ने पड़ते हैं, लेकिन इस बार चार नवम्बर को दीपावली है। मौसम एक्सपर्ट की मानें तो इस बार गर्मी 10 नवंबर तक पड़ने की संभावना है। ऐसे में दीपावली पर गर्म कपड़ों की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर हवाओं की दिशा नॉर्थ से रही तो हल्की ठंड हो सकती है।

कहां कितना तापमान
जिला/कस्बाअधिकतमन्यूनतम
अजमेर36.422.2
भीलवाड़ा35.622.6
अलवर37.425.8
वनस्थली35.222.8
जयपुर36.623
सीकर3618.5
कोटा36.123.7
सवाई माधोपुर37.821.9
बूंदी35.9423.4
चित्तौड़गढ़35.222.7
डबोक33.023.2
बाडमेर38.328.7
जैसलमेर38.624.5
जोधपुर37.824.3
फलोदी36.426.4
बीकानेर38.624.9
चूरू38.319.6
श्रीगंगानगर39.923.6
धौलपुर38.4--
नागौर38.323.1