जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
रीट पेपर लीक की जांच अब गंगापुर सिटी से लेकर जालोर व बाड़मेर तक पहुंच चुकी है। एसओजी की टीम मास्टरमाइंड भजनलाल की तलाश में पश्चिमी राजस्थान में दबिश दे रही है। भजनलाल ने ही पृथ्वीराज को एक दिन पहले ही वॉटसऐप पर पेपर भेज दिया था। एसओजी ने जे सीरिज के पेपर को भी जांच के दायरे में लिया है। एसओजी का मानना है कि नकल गिरोह ने जे सीरिज के पेपर को ही आउट कराया था। साथ ही कई कोचिंग संचालक भी एसओजी के शक के घेरे में है। एसओजी ने पृथ्वीराज, बत्तीलाल, रवि मीना, रवि पागड़ी, शिवदास मीना को 17 अक्टूबर तक रिमांड पर ले रखा है। एसओजी की जांच में पांचों से पूछताछ में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैै। भजनलाल पश्चिमी राजस्थान में नकल कराने वाली कई बड़ी गैंग से जुड़ा हुआ है। जिसका नेटवर्क जालोर, बाड़मेर समेत कई जिलों में फेला हुआ है। भजनलाल का राजस्थान के अलावा उत्तरप्रदेश में भी नेटवर्क फैला हुआ है। यह गिरोह पहले भी कई परीक्षा भर्तियों के पेपर आउट कर चुका है। खुद भजनलाल का ही नाम कांस्टेबल भर्ती से लेकर कई भर्तियों में सामने आ चुका है।एसओजी की जांच में अब तक यह साफ नहीं हो पाया है पेपर कहां से और कैसे लीक कराया गया है। माना जा रहा है कि पेपर भजनलाल ने पृथ्वीराज को 40 लाख रुपए में दिया था। लेकिन पृथ्वीराज के पास पेपर आने के बाद 3 लाख रुपए से लेकर 12 लाख रुपए में बत्तीलाल से लेकर कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल को बेचा गया था।
पृथ्वी कोल्हापुर से गोवा, फिर पहुंचा आगरा।
प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि 26 सितंबर को देशराज, संजय मीणा, दिलखुश, दो पुलिसकर्मियों सहित अन्य लोगों की गिरफ्तारी की खबर मीडिया में आने के बाद पृथ्वीराज घबरा गया। वह अपने साथी रवि जीनापुर और रवि मीणा के साथ एक परिचित की कार लेकर सवाईमाधोपुर से भाग निकला। वह महाराष्ट्र में कोल्हापुर पहुंचा। वहां से गोवा आ गया। यहां दो तीन दिन ठहरने के बाद मध्यप्रदेश में रतलाम शहर आ गया। इसके बाद वे तीनों आगरा पहुंचे। लेकिन सवाईमाधोपुर एसपी राजेश सिंह के सुपरविजन में गठित पुलिस टीम ने पृथ्वीराज को ट्रेक करते हुए आगरा से पकड़ लिया।
26 सितंबर को दलाल देशराज की गिरफ्तारी से पेपर लीक का खुलासा।
सबसे पहले गुर्गे देशराज से लेकर मास्टरमाइंड बत्तीलाल को रीट का पेपर बेचने वाले मास्टरमाइंड पृथ्वीराज मीणा को एसओजी ने सवाईमाधोपुर पुलिस की मदद से पकड़ा था। इस कड़ी में अब तक पेपर उपलब्ध करवाने में अहम किरदार बत्तीलाल मीणा माना जा रहा था। लेकिन उत्तराखंड में केदारनाथ से हुई बत्तीलाल की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में मुख्य सरगना पृथ्वीराज मीणा का नाम सामने आया। पृथ्वीराज से पूछताछ के बाद भजनलाल का नाम सामने आया है। पृथ्वीराज मीणा सवाईमाधोपुर में नरेगा में जेईएन है। वह करीब 10 साल तक पश्चिमी राजस्थान में एक जिले में नौकरी कर चुका है। वह पेपर लीक करने वाले गैंग के संपर्क में था।
जेईएन पृथ्वीराज ने उपलब्ध करवाए थे बत्तीलाल को रीट परीक्षा का पेपर।
रीट परीक्षा से पहले सवाईमाधोपुर में पृथ्वीराज ने ही बत्तीलाल मीणा, रवि पागड़ी और रवि जीनापुर के मार्फत परीक्षार्थियों को पेपर उपलब्ध करवाए थे। पड़ताल में सामने आया कि पृथ्वीराज ने पश्चिमी राजस्थान में सक्रिय गैंग से 40 लाख रुपए में पेपर खरीदा था। ऐसे में आगरा में हुई जेईएन पृथ्वीराज मीणा की गिरफ्तारी सबसे अहम मानी जा रही है। भजनलाल के पकड़े जाने के बाद ही पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा। भजनलाल की तलाश में एसओजी टीम जुटी है।

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