कोटा ब्यूरो रिपोर्ट।

विधायक भरत सिंह ने बगुलों की मौत के बाद राज्य में ही जांच केंद्र बनाने की मांग की है। विधायक भरत सिंह ने राज्य में जांच केंद्र स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखा है। विधायक ने पत्र में लिखा है कि कोटा जिले के ग्रामीण इलाकों में पक्षियों की अकारण मौत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कुछ समय पहले भी रामगंजमंडी क्षेत्र में कौओं की मौत का मामला सामने आया था। विधायक का कहना है कि हाल ही में सांगोद क्षेत्र के कनवास और मंडाप में बगुलों की मौत के मामले सामने आए है। ऐसे में सांगोद विधायक भरत सिंह ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर प्रदेश में जांच केंद्र स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने पत्र में बताया कि सांगोद क्षेत्र के मंडाप गांव में लगातार बगुलों की मौत हो रही है। बगुलों की मौत के कारणों की जांच करने के लिए सैंपल प्रदेश में प्रयोगशालन नहीं होने के कारण भोपाल में भेजी जाती है। जिसके कारण सैंपल की जांच आने में बहुत समय लग जाता है। जांच रिपोर्ट आने से पहले ही मामला समाप्त हो जाता है। विधायक ने पत्र में लिखा कि पिछले दिनों राज्य वन्यजीव बोर्ड बैठक में भी जांच केंद्र प्रदेश में ही बनाने का सुझाव रखा था। जिससे प्रदेश को अन्य व्यवस्था पर निर्भर नहीं रहना पड़े। उन्होंने आगे लिखा कि प्रदेश में 4 टाइगर रिजर्व और 25 अभ्यारण्य है। ऐसे में आवश्यक हो जाता है कि किसी भी प्रकार की जांच के लिए हम स्वयं पर ही निर्भर रहे। भोपाल में जो जांच के लिए सैंपल भिजवाए जाते हैं, उनकी रिपोर्ट समय पर नहीं मिल पाती है।