पानी सप्लाई करने वाली एक कंपनी में तीन लोग काम करते थे। काम करके रात में एक साथ ही सोते। सोने से पहले मनोरंजन के लिए देखी एक फिल्म ने तीनों को थाने की सैर करा दी। रानी थाना पुलिस ने तीनों को एक मोबाइल व्यापारी से मोबाइल से भरा बैग लूटने के प्रयास पर गिरफ्तार कर लिया है।

असल में रोजड़ा (सुमेरपुर) निवासी 25 वर्षीय चौथाराम पुत्र चमनाराम देवासी, 22 वर्षीय कानाराम पुत्र हमिराराम देवासी व बसंत (तखतगढ़) निवासी 20 वर्षीय दलपतराम पुत्र मोडाराम देवासी नाडोल गांव में पानी सप्लाई का काम करते हैं। यहां सप्लाई के लिए जाने वाले पानी को कैंफर में भरने का काम करने के बाद तीनों वहीं एक स्थान पर सो जाते हैं। दो अक्टूबर की रात को भी वे रोज का काम निपटा कर सो रहे थे। उसी समय इनमें से एक ने मोबाइल पर फिल्म गैंगस्टर शुरू कर दी। मनोरंजन के लिए तीनों ने यह फिल्म देखी। फिल्म में गैंग की गतिविधियों और रातों-रात पैसा कमाने के गलत धंधे ने इनका रास्ता मोड दिया।

तीनों में एक ने कहा- भाई इतना समय हो गया यहां काम करते-करते। रोज का वही काम, दिन भर मजदूरी और रात को फिर यहीं सो जाओ, सुबह उठते ही फिर काम पर। कब तक गरीब रहेंगे।तीनों ने तय किया कि अब तक एक रात में ही अमीर बनना है। फिल्म का असर यह हुआ कि तीनों ने कोई अच्छा आइडिया नहीं, बल्कि लूट का आइडिया सोच लिया। फिर तीनों 29 नवम्बर को नाडोल में मोबाइल दुकान संचालित करने वाले महेन्द्रसिंह की रैकी की। रिचार्ज करवाने के बहाने उसकी दुकान में गए। जब उन्हें पता चला कि महेन्द्रसिंह रोजाना दुकान से मोबाइल एकत्रित कर उसे एक बैग में भरकर अपने गांव साथ ले जाता है।तीनों ने तय किया कि बस इसी बैग को लूटना है। तय प्लान के तहत तीनों मिर्च पाउडर लेकर 2 अक्टूबर की रात को महेन्द्रसिंह की दुकान पहुंचे। रात करीब आठ बजे उसकी आंखों में मिर्च पाउडर डालकर उसे लूटने का प्रयास किया। हालांकि वे उसमें सफल नहीं हो पाए।

आरोपियों की स्वीकारा- हमने लूटने की कोशिश की

रानी थाना पुलिस ने नाडोल गांव में आंखों में मिर्ची डालकर एक मोबाइल व्यापारी से मोबाइल से भरा बैग लूटने का प्रयास करने के मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के सामने तीनों ने ऐसा प्रयास करने की बात स्वीकार भी कर ली है। SP राजन दुष्यंत ने बताया कि मामले में आरोपियों ने 2 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे नाडोल के कोटड़ी तिराहे के निकट मोबाइल दुकान संचालित करने वाले विगंरला निवासी महेन्द्रसिंह पुत्र पूनमसिंह राजपुरोहित जो मोबाइल एक बैग में भर कर दुकान बंद कर घर जाने की तैयारी कर रहा था। उसे निशाना बताया, मोबाइल रिचार्ज करने का बहानाकर आरोपी उसकी दुकान में गए बातों में उलझा उसकी आंखों में मिर्ची पाउडर फेंका तथा मोबाइल से भरा बैग लेकर भागने का प्रयास किया लेकिन महेन्द्रसिंह ने हिम्मत का परिचय देते हुए उनका पीछे दौड़ा तथा चोर-चोर चिल्लाया जिससे आरोपी पकड़े जाने के डर से घबरा गए तथा करीब 40 किलो वजनी मोबाइल से भरा बैग छोड़कर बाइक से फरार हो गए थे।

सुमेरपुर से गिरफ्तार किया तीनों आरोपियों को
आरोपी नाडोल में एक पानी के केम्पर सप्लाई करने वाले के यहां पिछले दो-तीन माह से काम कर रहे थे। घटना के बाद आरोपी काम छोड़ फरार हो गए। जिन्हें तकनीकी व मुखबिर की सहायता से सुमेरपुर से गिरफ्तार किया। पुलिस से बचने के लिए तीनों सुमेरपुर में छिपे हुए थे।

इस टीम ने पकड़ा आरोपियों को
एसपी राजन दुष्यंत ने बताया कि नाडोल चौकीप्रभारी टीकमाराम, हेड कांस्टेबल परविन्द्रसिंह, कांस्टेबल संतराम, भैरूसिंह, अशोक कुमार व साइबर सैल में कार्यरत हेड कांस्टेबल गौतम आचार्य ने आरोपियों को पकड़ा।