भरतपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
भरतपुर जिले के बयाना से पटवारी परीक्षा के अभ्यर्थियों को लेकर करौली जिले के हिंडौन जा रही एक निजी बस शनिवार देर रात बयाना के पीलूपुरा गांव के पास पलट गई। दुर्घटना में एक छात्रा अभ्यर्थी की मौत हो गई, जबकि करीब चार दर्जन से अधिक अभ्यर्थी घायल हो गए। घायलों में से कुछ को बयाना तो कुछ को भरतपुर के आरबीएम अस्पताल ले जाया गया। घायलों का हाल जानने के लिए भरतपुर जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक अस्पताल पहुंचे। करीब 27 घायल अभ्यर्थियों को बयाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। जबकि कई अभ्यर्थियों को भरतपुर के जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है। हादसे में चौबे पाड़ा हिंडौन सिटी निवासी छात्रा नेहा कुमारी की मौत हो गई। अस्पताल पहुंचे घायलो ने बताया कि बयाना से पटवारी अभ्यर्थी करौली के हिंडौन जाने के लिए निजी बस में सवार हुए थे। पूरी बस में अभ्यर्थी और उनके परिजन थे। निजी बस जैसे ही समोगर पुल को क्रॉस करके आगे निकली वैसे ही अचानक अनियंत्रित होकर बस सड़क किनारे खाई में पलट गई।घायलो ने बताया कि बस ने करीब चार पलटी खाई। पूरी बस में हाहाकार मच गया।
एक-दूसरे की मदद से निकले बस से बाहर।
हादसे के बाद बस में चीख-पूकार मच गई। घटला में घायलों ने एक दूसरे की मदद की और बस से बाहर निकले। तभी सूचना पाकर आसपास के लोग, पुलिस और एंबुलेंस भी मौके पर पहुंच गई। 27 घायलों को तुरंत बयाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। जहां से गंभीर रूप से घायल 3 लोगों को भरतपुर के आरबीएम जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटनास्थल पर पहुंचे बयाना सीओ अजय शर्मा ने खुद की गाड़ी से घायलों को अस्पताल तक पहुंचाया।
घटना की सूचना मिलते ही चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ सुभाष गर्ग आरबीएम अस्पताल पहुंचे और वहां पर घायल हुए लोगों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। डॉ सुभाष गर्ग ने बताया कि बड़ी दुखद घटना है परीक्षार्थियों की भरी हुई बस पलट गई जिसमें करीब 50 लोग घायल हुए हैं और एक की मृत्यु हुई है। इस घटना को लेकर जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक घटनास्थल पर गए थे। स्थिति का जायजा लिया है। फिलहाल बयाना से भरतपुर के लिए 18 लोगों को रेफर किया गया है। जिनमें से कुछ प्राइवेट अस्पताल चले गए और कुछ को आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मंत्री डॉ सुभाष गर्ग ने चिकित्सा विभाग के तमाम डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया और उन्हें निर्देश दिए कि अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को किसी भी तरह की परेशानी ना हो, भर्ती मरीज के परिजनों को खाने पीने की व्यवस्था का उचित इंतजाम किया जाएगा और एक डॉक्टरों की टीम भी गठित की गई है जो यह निर्णय करेगी कि ज्यादा घायल हुए मरीजों को जयपुर के लिए भेजा जाएगा। जयपुर में भी एसएमएस हॉस्पिटल के प्रिंसिपल से बात हो चुकी है वहां अलर्ट कर दिया गया है। ज्यादा गंभीर हुए घायलों को जयपुर भेजने की भी व्यवस्था की जाएगी। निरीक्षण करने के दौरान सीएमएचओ मनीष चौधरी एडीएम सिटी रघुनाथ खटीक सहित आरबीएम हॉस्पिटल के तमाम डॉक्टर मौजूद थे। इसके बाद जिला कलेक्टर हिमांशु गुप्ता और जिला पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार बिश्नोई आरबीएम अस्पताल पहुंचे।

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