ब्यूरो रिपोर्ट।
जयपुर के ग्रेटर नगर निगम में लोगों को पट्टा नहीं मिलने की शिकायतें पहुंचने के बाद बुधवार को यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ग्रेटर निगम मुख्यालय में लग रहे शिविर में अचानक पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने पट्टा लेने आए लोगों की 2 घंटे तक सुनवाई की। यूडीएच मंत्री को निगम आयोजन शाखा और मालवीय नगर जोन कार्यालय में कार्मिक बेवजह पट्टी अटकाते हुए मिले। जांच में स्पष्ट पाया कि अफसर और बाबू पट्टों के आवेदन की फाइलों को नोटिंग के नाम पर इधर-उधर घुमा रहे थे। इस पर धारीवाल ने जिम्मेदार कर्मियों को जमकर फटकार लगाई और तुरंत एक्शन लेते हुए राजस्व अधिकारी डीके भवानी और कनिष्ठ सहायक राजेंद्र कुमार को सस्पेंड कर दिया। इनके अलावा सहायक नगर नियोजक संतोष मीणा को 17 सीसी का और वरिष्ठ सहायक जगदीश प्रसाद सैनी को 16 सीसी का नोटिस थमा दिया। इस अवसर पर यूडीएच मंत्री ने शिविरों के दौरान कम पट्टे वितरण किए जाने को लेकर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि हर पट्टे को चर्चा के लिए कमेटी में भेजना जरूरी नहीं है। उन्होंने आयोजन शाखा के उपायुक्त महेश मान को नाम हस्तांतरण के मामले में आवंटन की शर्तें पूछे जाने की टिप्पणी पर लताड़ लगाई। दूसरी ओर पति की मौत के बाद पत्नी की ओर से किए गए नाम हस्तांतरण की आवेदन की फाइल पर राजस्व अधिकारी के मौका मुआयना की टिप्पणी करने पर उन्हें सस्पेंड कर दिया। मंत्री के औचक निरीक्षण के दौरान यूडीएच सलाहकार डॉ जीएस संधू नगरीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव कुंजी लाल मीणा स्वायत शासन विभाग के शासन सचिव भवानी सिंह देथा और निदेशक एवं विशिष्ट सचिव दीपक नंदी सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे

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