श्रीगंगानगर से राकेश मितवा की खबर।
श्रीगंगानगर जिले में विद्युत विभाग द्वारा की जा रही अघोषित विद्युत कटौती को लेकर न केवल शहर बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गुरूवार को ग्रामीण जन संघर्ष समिति के नेतृत्व में बड़ी तादाद में ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय का घेराव किया । पूर्व सरपंच सुरेंद्र पारीक के नेतृत्व में हुए इस घेराव में कई घंटे तक कर्मचारियों और अधिकारियों को कार्यालय में नहीं घुसने दिया गया ।
नेतेवाला के पूर्व सरपंच सुरेंद्र पारीक ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में हर दिन लगभग 7 घंटे घोषित विद्युत कटौती की जा रही है। इससे न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में जनजीवन अस्त व्यस्त हो रहा है और खेती कार्य में भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। किसानों के ट्यूबेल आदि भी नहीं चल पा रहे हैं जिससे सिंचाई नहीं हो पा रही । इसके चलते इलाके के कई क्षेत्रों में किन्नू के बाग सूखने के कगार पर है। पारीक ने कहा कि सरकार द्वारा पिछले काफी समय से विद्युत बिलों में लगातार बढ़ोतरी कर रही है अब सरकार को चाहिए कि विद्युत विभाग द्वारा भेजे गए बिलों में जितने दिनों तक विद्युत कटौती हुई है उसी हिसाब से आनुपातिक आधार पर बिजली के बिल कम करके भेजें। ताकि आम जनता को राहत महसूस हो। ग्रामीणों ने मांग की है कि इलाके के खराब पड़े विद्युत ट्रांसफार्मरों को तुरंत बदला जाए वही बंद पड़े मीटरों को पिछले उपभोग के आधार पर औसतन बिल बनाकर भेजा जाए ना जाए।

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