चित्तौड़गढ़ से गोपाल चतुर्वेदी की रिपोर्ट।

चित्तौड़गढ़ जिले मे यूटीबी नर्सेज एसोसिएशन के तत्वावधान में यूटीबी नर्सिंग कर्मियों को सेवाओं से हटाए जाने के विरोध में समस्त यूटीबी नर्सिंग कर्मियों ने जिला मुख्यालय पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के बाहर सांकेतिक धरना दिया। जिसमें राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी धरना स्थल पर आकर यूटीवी कार्मिकों की सेवाओं को बहाल करने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मुकेश उज्जवल ने बताया कि यूटीबी नर्सिंग कर्मियों ने कोविड-19 के दौरान अग्रणी भूमिका अदा करते हुए सराहनीय कार्य किया था और अब इन अल्प वेतनभोगी कर्मियों को हटाया जा रहा है,जो न्यायोचित नहीं है। उन्होंने बताया कि इनकी सेवाएं लगातार रखी जाए और यूटीबी में अगर नियमानुसार प्रावधान नहीं है तो अन्य किसी रिक्त पद के मध्य से इन्हें समायोजित कर इन कार्मिकों को राहत प्रदान की जाए। यूटीवी नर्सिंग कर्मी रमेश मेनारिया बताया कि विगत एक वर्ष से उन्होंने कोरोना काल में विपरीत परिस्थितियों में सेवाएं दी थी। लेकिन एक वर्ष पूरा होने से पहले ही सीएमएचओ की ओर से 11 अक्टूबर 2021 से उनकी सेवाओं को समाप्त कर दिया गया। उन्होंने बताया कि गत वर्ष 12 अगस्त से कुल 25 यूटीबी नर्सिंग कर्मी, 06 लैब टेक्नीशियन और 02 एएनएम अपनी सेवाएं दे रहे थे। उन्होंने बताया कि रिक्त पदों पर उनकी सेवा अभिवृत्ति की जाए। सीएमएचओ रामकेश गुर्जर ने बताया कि गत वर्ष राज्य सरकार के आदेशानुसार यूटीबी नर्सेज कर्मियों की भर्ती की गई थी जो कि नियमानुसार एक वर्ष की थी। अब राज्य सरकार के आदेश के अनुसार ही इस वर्ष 11 अक्टूबर से उनकी सेवाओं को समाप्त कर दिया गया है।उन्होंने बताया कि यूटीवी नर्सेज एसोसिएशन के सदस्यों ने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया है। जिला कलेक्टर के आदेश अनुसार स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक पत्र राज्य सरकार को लिखा गया है।