जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शुक्रवार को जयपुर प्रवास पर रहे। चिर परिचित अंदाज में कई मामलों पर बोले। एनआईए (NIA) से लेकर अडानी तक पर राज्यसभा सांसद मोदी सरकार को घेरते रहे। पत्रकारों के सामने कथित ड्रग पेडलर का ऑडियो भी सुनाया। दावा किया कि इससे स्पष्ट होता है कि भाजपा नेता ड्रग्स के अनैतिक धंधे में लिप्त हैं। मध्य प्रदेश के पूर्व मुखिया यहीं नहीं रुके बल्कि उन्होंने एक बार फिर केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह के लिए 'अच्छी-अच्छी' बातें कहीं तो आरएसएस को आड़े हाथों लिया। इस दौरान दिग्विजय सिंह ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर 13 सितंबर 2021 को अदानी पोर्ट से पकड़े गए ड्रग्स का मुद्दा उठाते हुए कहा की 1 महीने में दो बार में इसी पोर्ट से करीब दो लाख करोड़ का ड्रग्स देश में आया है। जिसमें से 21000 करोड का ड्रग्स तो केंद्र की जांच एजेंसियों ने पकड़ा है। जहां बॉलीवुड के लोगों के पास जहां 200 से 300 ग्राम ड्रग मिलने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई और उन्हें जेल भेजा गया लेकिन 3000 किलो ड्रग्स मिलने पर इसकी जांच एनआईए को सौंपी गई है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने नर्मदा यात्रा के समय अमित शाह के सहयोग के लिए उनका धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि जब वह नर्मदा यात्रा निकाल रहे थे और यात्रा गुजरात के जंगलों से निकली तो गुजरात के वन विभाग अधिकारियों ने आवभगत की। कहा इसकी जिम्मेदारी उन्हें गृहमंत्री अमित शाह ने सौंपी थी।
RSS पर बोला हमला।
एक और तो दिग्विजय सिंह ने अमित शाह को धन्यवाद दिया तो दूसरी और आरएसएस पर भी वो हमलावर रहे। दिग्विजय सिंह ने आर एस एस को ऐसी संस्था बताया जिसका आज तक पंजीयन ही नहीं हुआ है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि जब किसी संस्था का पंजीयन नहीं हुआ तो उसकी मेंबरशिप भी नहीं हो सकती। ऐसे में उनका कोई अकाउंट भी नहीं हो सकता तो फिर जो गुरु दक्षिणा आती है वह किस अकाउंट में जाती है। उन्होंने कहा कि आरएसएस लगातार यह कहती है कि हिंदू धर्म खतरे में है। जबकि अमित शाह की होम मिनिस्ट्री की ओर से इस आरटीआई के जवाब में कहा गया कि देश में ऐसी कोई स्थिति नहीं है यह काल्पनिक बात है।
रिटायर्ड जज की निगरानी में हो ड्रग्स की जांच।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस मामले की जांच एनआईए की जगह सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सर्वोच्च न्यायालय के ही वर्तमान या रिटायर जज से करवाई जाए। कांग्रेस सांसद ने मांग रखी कि जांच अधिकारी का अपॉइंटमेंट भी वो कमेटी करे जिसमें नेता प्रतिपक्ष भी शामिल हों।
कांग्रेस को NIA जांच पर नहीं भरोसा।
दिग्विजय सिंह ने बताने की कोशिश की कैसे केन्द्र की सत्ता में बैठे लोग निहित स्वार्थ के अनुसार काम करते हैं। अपने मतलब और सुविधा के अनुसार रेड डलवाते हैं। आरोप लगाया कि भाजपा अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ तो ईडी,आईबी के जरिए कार्रवाई करती है। लेकिन जब वहीं राजनीतिक प्रतिद्वंदी भाजपा में शामिल हो जाते हैं तो उन्हें आरोपों से मुक्ति मिल जाती है। दिग्विजय सिंह ने भाजपा के नेताओं पर 13 मामलों में ड्रग पेडलर होने के आरोप लगाते हुए एक ऑडियो भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुनाई। बोले कि क्या इन नेताओं पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। एनआईए पर सवाल खड़े करते हुए दिग्विजय सिंह कहा कि एनआईए ने पहले अजमेर दरगाह, समझौता एक्सप्रेस, मक्का मस्जिद, मालेगांव धमाकों जैसे मामलों की जांच की थी। एनआईए की जांच का नतीजा यह निकला कि मोदी और शाह सरकार ने आरोपी सभी लोगों को एनआईए के जरिए फ्री करवा दिया।उन्होंने कहा कि ऐसे में अब कांग्रेस को एनआईए पर भरोसा नहीं है ऐसे में इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में की जाए। दिग्विजय सिंह ने कहा ड्रग पैडलिंग का मामला तो आतंकियों से भी खतरनाक है, ऐसे में मोदी सरकार को इस मामले में इन्वेस्टिगेशन सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान या रिटायर्ड जज से करवानी चाहिए जिसका नाम वही कमेटी दे जिसमें नेता प्रतिपक्ष भी शामिल हो।


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