चित्तौड़गढ़ से गोपाल चतुर्वेदी की रिपोर्ट।
चित्तौडग़ढ़ जिला मुख्यालय के श्री सांवलिया जी राजकीय चिकित्सालय में उपचार के दौरान ड्यूटी पर तैनात एक महिला नर्सिंग कर्मचारी के साथ 3 लोगों द्वारा मारपीट करने से माहौल गरमा गया। इसके बाद चिकित्सालय के सभी कर्मचारियों ने लगभग 1 घंटे तक कार्य का बहिष्कार किया और बाद में कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के आश्वासन के बाद नर्सिंग कर्मचारी काम पर लौटे।
घटनाक्रम को लेकर सदर थाने में रिपोर्ट दी गई । जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय के श्री सांवलियाजी राजकीय चिकित्सालय में एमओटी इकाई में दो युवक एक घायल युवक को उपचार करवाने के लिए देर रात्रि शराब के नशे में अस्पताल पहुंचे और घायल युवक का उपचार कर रही महिला नर्सिंग कर्मचारी कमलेश जाट के साथ उपचार में लापरवाही करने की बात कहकर हंगामा करने लगे जब समझाइश की कोशिश की गई तो घायल युवक सहित दो अन्य युवकों ने ड्यूटी पर तैनात महिला कर्मचारी कमलेश जाट के साथ मारपीट शुरू कर दी। जिस पर अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर महिला नर्सिंग कर्मी को छुड़ाया। इस दौरान मारपीट मे शामिल दो युवक मौके से भाग छूटे। वही एक को कर्मचारियों ने धर दबोचा लिया साथ ही पुलिस चौकी में ले गए। जहां उसने खुद को प्रताप नगर तेजाजी चौक निवासी युवराज सिंह बताया।वही दो अन्य साथियों नाम बताने में आनाकानी करने लगा जिस पर उसे सदर थाने भेज दिया गया। इधर महिला कर्मचारी के साथ मारपीट होने की जानकारी मिलने पर अस्पताल के कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया और विभिन्न वार्डों में तैनात कर्मचारियों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कार्य का बहिष्कार कर आपातकालीन इकाई में जमा हो गए। जिसकी सूचना मिलने पर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ दिनेश वैष्णव, डॉ मनीष वर्मा, पुलिस उप अधीक्षक मनीष शर्मा और थाना अधिकारी सदर दर्शन सिंह मय जाप्ता मौके पर पहुंचे।कर्मचारियों से समझाइश की और मामले में उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। घटनाक्रम को लेकर महिला कर्मचारी और अस्पताल प्रबंधन की ओर से सदर थाने में युवराज सिंह और उसके दो साथियों के विरुद्ध सदर थाने में रिपोर्ट पेश की गई है। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ दिनेश वैष्णव ने कहा कि घटनाक्रम को लेकर पुलिस में रिपोर्ट पेश की गई है। वही उच्च अधिकारियों को भी घटनाक्रम से अवगत कराया गया है। मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी जिससे इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो सके। घटनाक्रम के चलते लगभग 1 घंटे तक अस्पताल में उपचार बाधित रहा।

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