झालावाड़ से हरिमोहन चोडॉवत।
झालावाड़ तथा झालरापाटन शहर सहित जिले के करीब 52 कस्बों व गांवों को पेयजल आपूर्ति करने वाली छापी पेयजल परियोजना की सप्लाई राइजिंग लाइन करीब ढाई माह पूर्व कालीसिंध नदी के तेज बहाव से क्षतिग्रस्त होकर टूट गई थी।जिसके चलते जिले के झालावाड़, झालरापाटन सहित 52 गांवो में पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो गई थी। कुछ जगह पर तो एकांतरे जलापूर्ति हो रही थी, तो वहीं कुछ जगहों पर तो नागरिकों को टैंकर का सहारा लेना पड़ रहा था। ऐसे में देर शाम झालावाड़-झालरापाटन वासियों के लिए राहत की खबर उस समय मिली जब पीएचईडी ने राइजिंग लाइन को एक बार फिर जोड़कर उसकी टेस्टिंग शुरू की। ऐसे में अगले दो दिनों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह दुरुस्त हो जाएगी और नागरिकों को पेयजल के लिए कहीं भटकना नहीं होगा। बता दे, कि झालावाड़ जिले की प्रमुख छापी पेयजल परियोजना द्वारा झालावाड़ शहर को करीब 60 लाख लीटर तथा झालरापाटन शहर को करीब 15 लाख लीटर प्रतिदिन पेयजल की आपूर्ति होती है। लेकिन बारिश के दौरान करीब ढाई माह पूर्व कालीसिंध नदी के बीच से गुजर रही छापी पेयजल परियोजना की राइजिंग लाइन तेज बहाव से टूट गई थी, जिसके बाद से ही लगातार बारिश भी जारी रही। ऐसे में पाइपलाइन की मरम्मत कर पाना भी संभव नहीं था। ऐसे में जिला कलेक्टर हरिमोहन मीणा ने समस्या के स्थायी समाधान के लिए विशेष प्रयास किए और दिल्ली में एनएचएआई के अधिकारियों से बात कर कालीसिंध पुलिया के समानांतर पाइप लाइन डालने की अनुमति ले ली। जिसके बाद पुलिया के समानांतर ही सप्लाई लाइन को डालने का कार्य करीब 1 हफ्ते पूर्व शुरू करवाया। जो देर शाम पूरा हो गया और अब पीएचइडी द्वारा पेयजल सप्लाई की टेस्टिंग भी कर ली गई है। हालांकि एनएचएआई द्वारा लोड टेस्टिंग की जा रही। जिसके बाद झालावाड़, झालरापाटन शहर सहित क्षेत्र के 52 गांवों व कस्बो में पेयजल आपूर्ति सुचारू हो जाएगी।

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