घड़साना में सिंचाई पानी के लिए चल रहे किसान आंदोलन के सातवें दिन रविवार को किसानों ने पूरे दिन और रात पुलिसकर्मियों पर पहरेदारी की। किसानों ने चार में से दो समूह पानी चलाने की मांग के संबंध में 150 पुलिसकर्मियों को बंधक बना रखा है। उन्होंने शनिवार रात उन्हें बंधक बनाया था वहीं रविवार को पूरा दिन सभा करने के बाद रात को उन्हें आशंका थी कि कहीं पुलिसकर्मी दीवारें फांद कर भाग न जाएं। इसी आशंका के मद्देनजर उन्होंने देर रात एसडीएम ऑफिस के चारों तरफ पहरेदारी की। जहां एक ओर किसान बाहर पहरा दे रहे थे वहीं वर्दी पहने पुलिसकर्मी एसडीएम ऑफिस में टहल रहे थे। कोई वहां लगी मेजों पर सोया था तो किसी ने दरियों पर ही अपने सोने के लिए जगह बना ली थी।

घड़साना में एसडीएम ऑफिस के बाहर डटे जवान।
घड़साना में एसडीएम ऑफिस के बाहर डटे जवान।

आशंका थी भाग न जाएं पुलिसकर्मी
किसानों ने पूरा दिन एसडीएम ऑफिस के सामने सभा की। इस दौरान उन्हें उम्मीद थी कि जयपुर में ऊर्जा मंत्री और जिले के प्रभारी डॉ.बीडी कल्ला और इंदिरा गांधी नहर परियोजना मंत्री उदयलाल आंजना के निर्देशन में हो रही बैठक में शाम तक काेई निर्णय होगा, लेकिन देर रात तक फैसला नहीं हुआ तो किसान एसडीएम ऑफिस के बाहर डटे रहे। उन्हें आशंका थी कि देर रात पुलिसकर्मी एसडीएम ऑफिस से निकलने की कोशिश कर सकते हैं। इसके मद्देनजर ऑफिस से बाहर आने के हर छोटे-बड़े रास्ते को रोक दिया गया। देर रात तक किसान टोलियां बनाकर पहरा दे रहे थे। उनका पूरा प्रयास था कि कोई पुलिसकर्मी बाहर नहीं आने पाए। उनका कहना था कि पुलिसकर्मियों को भोजन, दवा सहित जरूरत की चीजें उपलब्ध करवाई जाएंगी लेकिन बाहर नहीं आने दिया जाएगा।

घड़साना में एसडीएम ऑफिस के बाहर से अपने साथी से बात करता पुलिसकर्मी।
घड़साना में एसडीएम ऑफिस के बाहर से अपने साथी से बात करता पुलिसकर्मी।

पुलिस ने किया भोजन का प्रबंध
इस बीच एसडीएम ऑफिस में बंद पुलिसकर्मियों के भोजन का प्रबंध पुलिस ने किया। थाने की मैस में तैयार भोजन के पैकेट पुलिसकर्मियों तक पहुंचाए गए। उन्होंने एसडीएम ऑफिस में वही भोजन किया। वहीं किसान आंदोलन के प्रमुख नेता मंच से बार-बार यही घोषणा करते रहे कि ध्यान रखें कोई पुलिसकर्मी भूखा नहीं रहे। सभी के भोजन के लिए लंगर का प्रबंध किसानों ने किया है। वहीं एसडीएम ऑफिस के बाहर डटे करीब दस हजार से ज्यादा किसानों ने रविवार रात भी महापड़ाव स्थल पर ही लंगर किया।

घड़साना के एसडीएम ऑफिस में टहलता पुलिसकर्मी।
घड़साना के एसडीएम ऑफिस में टहलता पुलिसकर्मी।

दूसरे दिन भी किसानों की गिरफ्त में पुलिस
इस बीच आईजीएनपी के प्रथम चरण में चार में से दो ग्रुप सिंचाई पानी देने की मांग को लेकर किसानों का महापड़ाव रविवार को सातवें दिन भी जारी रहा। एसडीएम ऑफिस में शनिवार को बंधक बनाए गए करीब 150 पुलिसकर्मी दूसरे दिन भी किसानों के कब्जे में रहे । इस बीच किसान नेताओं ने चार में से दो ग्रुप सिंचाई पानी देने तक कार्यालय की तालाबंदी जारी रखने का ऐलान किया। रविवार को पूरा दिन किसानों की नजर जयपुर में हुई बैठक पर थी। इसके चलते किसानों ने दिन भर शांति से सभा की। किसान नेताओं ने ऐलान किया कि अगर जयपुर से किसानों के पक्ष में कोई फैसला होगा तो संयुक्त किसान मोर्चा बैठक कर उस निर्णय की समीक्षा करेगा। इसके बाद किसान आंदोलन को लेकर आगामी निर्णय किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि अगर मांग के अनुरूप जयपुर से पानी की घोषणा नहीं की जाती तो सोमवार को किसान आंदोलन तेज करेंगे। इस दौरान एसडीएम ऑफिस का घेराव व तालाबंदी जारी रहेगी। प्रशासन के किसी भी नुमाइंदे को न तो अंदर जाने दिया जाएगा तथा न ही बाहर निकलने देंगे।

किसानों के पक्ष में फैसले का करेंगे स्वागत
सभा स्थल पर माकपा के जिला सचिव श्योपत मेघवाल ने रविवार को कहा कि किसान केवल इस बात को लेकर शांत है कि संभवतः शाम तक किसानों के पक्ष में कोई फैसला होगा। ऐसा नहीं किया जाता तो आंदोलन तेज किया जाएगा। पूर्व विधायक पवन दुग्गल ने कहा कि किसानों के आंदोलन की चिंगारी को सरकार ज्वालामुखी न बनने दे। किसान नेता सत्य प्रकाश सिहाग ने कहा कि जैसे - जैसे सरसों की बुवाई का समय निकलता जा रहा है, उसी गति से किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
रविवार को सभा को राजू जाट, सुनील गोदारा, विष्णू भांभू, लक्ष्मण सिंह, राकेश बिश्नोई, असविंदर मांझु, सिराज जाखड़, प्रेम कुमार, तेजपाल बराड़, लालचंद अहीर सहित करीब तीन दर्जन वक्ताओं ने संबोधित किया।