झालावाड़ से हरिमोहन चोडॉवत।
झालावाड़ जिले में यह वर्ष किसानों के लिए मुसीबत ओर आफत भरा रहा है क्योकी ज्यादा बारिश होने से किसानों की अपनी फसलें खेतों में ही खराब हो गई है। लगातार बारिश होने के कारण खेतो में फसल की कटाई भी नही कर पाए जो कुछ फसल बची है वह भी गीली हो रही है। उसी गीली फसल को काटने के लिए अब किसान खेतो में पहुच गए है ताकि जो कुछ फसल बची है उसको किसी तरह समेटा जा सके।
झालावाड जिले में सोयाबीन की फसल बम्फर मात्रा में बोई जाती है। और सोयाबीन की फसल किसानों के लिए हमेशा ही फायदे का साबित हुई है। लेकिन इस बार लगातार बारिश से जहा किसानों के अरमान तो धूमिल हुए है। साथ ही वही उनकी लागत भी नही निकल पाई या कहे किसान परेशान है करे तो क्या करे कुदरत के आगे सब नतमस्तक है। लेकिन सरकार भी इनकी फसलो के आकलन कर सर्वे नही करवा पाई। जिससे इनको मुवावजा मिल सके। अब किसान बेबस है सरकार की ओर नजरे इनायत की ओर टकटकी लगाए देख रहे है। ताकि इनकी खराब फसल का उचित मुवावजा मिल सके तो इनके साल भर खाने पीने की व्यवस्था हो सके। नही तो यह किसान कर्ज के डूब जायेगे। राज-काज न्यूज की टीम जब क्षेत्र में पहुची तो वहां की हालात देखकर कर चोक गई, पूरे परिवार के साथ लोग दिन रात करके खेतो में गीली सोयाबीन की फसलों को काट कर घर ले जाना चाहते है ताकी जो कुछ फसल बच सके उससे कुछ हासिल हो। इसके लिए क्या महिलाये क्या पुरुष सब रात दिन खेतो में कार्य करके फसल को निकालने में लगे है।

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