जोधपुर ब्यूरो रिपोर्ट।

जोधपुर मे लवली कंडारा एनकाउंटर मामले में वाल्मीकि समाज चार दिन से धरने पर था। रविवार को पुलिस इंस्पेक्टर लीलाराम के सस्पेंशन, परिजनों को 25 लाख मुआवजा और मामले की सीबीआई जांच के आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया। बता दे,कि बनाड़ रोड पर बुधवार शाम को हुई पुलिस हुई मुठभेड़ में बदमाश लवली कंडारा की गोली लगने से हुई मौत के मामले में वाल्मिकी समाज और प्रशासन के बीच समझौता हो गया है। इसके चलते 4 दिन से चल रहा गतिरोध टूट गया। जिला कलेक्टर की अगुवाई में हुई वार्ता में रातानाडा थानाधिकारी लीलाराम को निलंबित करने और प्रकरण का 302 में मामला दर्ज कर जांच करने व सीबीआई जांच के लिए सरकार को पत्र लिखने का आश्वासन दिया गया। 25 लाख के मुआवजा समेत अन्य मांगों पर सहमति हो गई है। कमिश्नरेट कार्यालय की ओर से निलंबन के आदेश जारी होने के बाद लवली कंडारा के शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी। उल्लेखनीय है कि एनकाउंटर के बाद 4 दिन तक लगातार गतिरोध बना हुआ था। शनिवार को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने धरना स्थल पर पहुंचकर मांग की थी कि थाना अधिकारी को निलंबित किया जाए। इसके बाद शाम को सर्किट हाउस में जोधपुर पुलिस कमिश्नर जोश मोहन ने बेनीवाल से मुलाकात भी की थी। इधर जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दिल्ली से आते ही उन्होंने पूरी जानकारी लेकर स्थानीय नेताओं और प्रशासन को सक्रिय किया। इसके बाद कलेक्टर ने बातचीत की पहल कर वार्ता कर सहमति बनाई। बेनीवाल ने कहा कि सरकार ने सहमति की बात कही है। अगर कोई मांग रह जाती है तो हम दोबारा आंदोलन करेंगे। सफाई कर्मचारी आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष चन्द्र प्रकाश टायसन ने कहा कि पुलिस निरीक्षक लीलाराम को सस्पेंड करने समेत कई अन्य मांगों पर सहमति बनी है।