अवनीश पाराशर।
करौली पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा पर टोडाभीम विधायक पृथ्वीराज मीणा ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर पुलिस अधीक्षक को जिले से हटाने की मांग की है। हालांकि करौली विधायक लाखन सिंह, सपोटरा विधायक रमेश चन्द्र मीना और करौली -धौलपुर सासंद डॉ मनोज राजोरिया ने पुलिस अधीक्षक के खिलाफ गये आरोपों को सिरें से निकारते हुए कहा कि हमको कभी भी जनता ने शिकायत नही की,ना ही हमारे सामने ऐसा कोई प्रकरण आया है। उन्होंने बताया कि अपितु जब भी पुलिस अधीक्षक को किसी काम के लिए बोला उस पर तुरंत एक्शन हुआ है। विधायक लाखन सिंह ने आरोपों को बेबुनियाद करार दिया। इधर पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने टोडाभीम विधायक पृथ्वीराज मीणा द्वारा अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद और निराधार बताया है।
विधायक पी.आर ने सीएम को लिखा यह पत्र।
टोडाभीम विधायक पृथ्वीराज मीणा ने सीएम अशोक गहलोत को लिखे पत्र में बताया है कि करौली पुलिस अधीक्षक का कार्य एवं व्यवहार आमजन एवं जनप्रतिनिधियों के प्रतिकूल है। पुलिस अधीक्षक करौली का व्यवहार गैर जिम्मेदाराना है जो कि लोकतंत्र में ठीक नहीं है। पुलिस अधीक्षक करौली के संरक्षण में जिले में भारी भ्रष्टाचार पनप रहा है इनके आने के बाद से जिले के सभी थानों से मासिक बंदी एवं बजरी निकासी पर भारी रुपए लेकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है जो कि पूर्व में बंद हो चुका था। एवं करौली जिले की स्थापना से अब तक ऐसा भ्रष्ट अधिकारी जिले में नहीं आया है। विधायक पृथ्वीराज मीणा ने सीएम अशोक गहलोत को लिखें पत्र में मुख्यमंत्री से निवेदन करते हुए पुलिस अधीक्षक करौली को तुरंत अपने पद से हटाकर किसी अन्य अधिकारी को जिले में पुलिस अधीक्षक लगाने की मांग की है।
आरोप बेबुनियाद विधायक लाखन सिंह।
करौली विधानसभा क्षेत्र से बीएसपी से चुनाव जीतकर कांग्रेस में शामिल हुए और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खास विधायकों में पहचान रखने वाले विधायक लाखन सिंह ने बताया कि करौली मे एसपी का कार्यकाल श्रेष्ठ है। अपराधियों पर लगाम लगाया गया है। कानून व्यवस्था भी मजबूत हुई है।अब यह बात समझ से परे है कि उन्होंने आरोप किस आधार पर लगाये है।विधायक का कहना है कि पुलिस अधीक्षक द्वारा जनप्रतिनिधियों को मान सम्मान दिया जाता है। जहा तक मेरी बात है जब भी किसी काम की बोला एसपी ने तुरंत एक्शन लिया है। मृदुल कच्छावा दंबग और निष्पक्ष आँफिसर है।वही पूर्व केबिनेट मंत्री और सपोटरा से विधायक रमेशचंद्र मीना ने भी ऐसी कोई शिकायत से इंकार किया है।दस्यु का किया सफाया सासंद राजौरिया।
करौली धौलपुर सांसद डॉ मनोज राजोरिया ने पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा के खिलाफ लगाए गए आरोपों के विपरीत बताया कि संसदीय क्षेत्र करौली-धौलपुर में मेरे कार्यकाल के दौरान कभी भी ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। बल्कि मृदुल कच्छावा एक ईमानदार और दबंग ऑफिसर हैं। और उन्होंने धौलपुर और करौली में दस्यू का सफाया किया। इसके साथ ही मजबूती के साथ अपराधों पर लगाम लगाया है। विशेषकर करौली जिले की कानून व्यवस्था भी मजबूत हुई है। यह क्षेत्र की जनता का सौभाग्य है कि करौली को युवा और निष्पक्ष छवि वाले आईएएस और आईपीएस दोनों अवसर मिले हैं।
एसपी बोले आरोप पूरी तरह बेबुनियाद एवं निराधार
पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छावा ने बताया कि टोडाभीम विधायक पृथ्वीराज मीणा द्वारा भ्रष्टाचार के लगाए गए गंभीर आरोप पूरी तरह बेबुनियाद एवं निराधार है। जनप्रतिनिधियों से तो दूर की बात आमजन से भी मैंने कभी बदतमीजी की हो तो कोई बताएं। आज तक मैंने किसी परिवादी के साथ भी गलत व्यवहार नहीं किया। भ्रष्टाचार के लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस मुख्यालय या सरकार करवा सकती है।
सोशल मिडिया पर भड़के युवा।
विधायक पृथ्वीराज मीणा द्वारा करौली पुलिस अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर हटाने के प्रकरण पर युवाओं ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए पुलिस अधीक्षक का समर्थन किया है। दरअसल विधायक मीना द्वारा सीएम गहलोत को लिखे गया पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसके बाद जिले के युवा तथा प्रबुद्धजनों ने विधायक पी आर मीणा के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए पुलिस अधीक्षक का समर्थन किया है। युवाओं का कहना है कि पुलिस अधीक्षक के आने के बाद करौली में कानून व्यवस्था में सुधार आया है। साथ ही जिले में गुंडाराज भी खत्म हुआ है। कई युवाओं ने कटाक्ष करते हुए लिखा है कि विधायक ईमानदार अफसर को परेशान करने का काम करते हैं। जबकि जनता को तो इनसे कोई परेशानी नहीं है। विधायक को जनता द्वारा चुना जाता है जब जनता को ही परेशानी नहीं है तो विधायक को पुलिस अधीक्षक से क्या परेशानी।
मंडरायल उपखंड मे फूंका विधायक पी.आर मीना का पूतला।
विधायक पृथ्वीराज मीणा द्वारा एसपी की शिकायत की जानकारी मिलते ही सर्व समाज के लोग भड़क गए और लोगों ने उपखंड मुख्यालय पर विधायक का पुतला फूंक कर विरोध जताया सर्व समाज के लोगों ने तहसील कार्यालय में पहुंचकर तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर विधायक पर राजनीति के आरोप जड़ते हुए एसपी पर लगाये गये आरोपो को निराधार बताया।
आपको बता दें कि करौली जिले के टोडाभीम से विधायक पृथ्वीराज मीणा सचिन पायलट गुट के माने जाते हैं। राजस्थान में चले सियासी घटनाक्रम में भी विधायक पृथ्वीराज मीणा सचिन पायलट गुट में शामिल होते हुए मानेसर रहे थे। इसके अलावा विधायक भड़काऊ भाषण देने में भी चर्चित रहे हैं।

0 टिप्पणियाँ