सवाईमाधोपुर से हेमेन्द्र शर्मा।

सवाईमाधोपुर एसीबी ने घी के सेम्पल प्रकरण को रफा-दफा करने के एक मामले में 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते अतिरिक्त जिला कलेक्टर के रीडर इन्द्रसिंह राजपूत को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एसीबी टीम ने आरोपी से रिश्वत की राशि भी बरामद की है। एसीबी की कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी एडीएम कार्यालय के पीछे के दरवाजे से फरार हो गया। लेकिन एसीबी टीम ने आरोपी का पीछा किया और आरोपी को रणथंभौर रोड गणेशधाम से गिरफ्तार कर लिया। वहीं आरोपी की निशानदेही पर रिश्वत की राशि अभिलेखागार कलेक्ट्रेट सवाईमाधोपुर से बरामद की है। एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि परिवादी राजेश वर्मा ने आशा होटल के पीछे बजरिया में वर्ष 2016 में खुले घी की दुकान खोली थी। दुकान खोलने के कुछ माह बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए दुकान से घी के सेम्पल लिए थे। इस सम्बन्ध में एडीएम कोर्ट में प्रकरण होने की पुलिस के मार्फत जानकारी मिली। इसके बाद 23 सितम्बर 2021 को परिवादी एडीएम कार्यालय पहुंचा तो रीडर इन्द्र सिंह ने केस में जेल भेजने तथा तीन लाख रुपए जुर्माने का भय दिखाकर तीस हजार रुपए रिश्वत की मांग की। इस पर परिवादी ने 27 सितम्बर 21 को एसीबी कार्यालय में एक परिवाद दिया। एसीबी ने सत्यापन के दौरान परिवादी राजेश वर्मा से 15 हजार रुपए रिश्वत राशि की मांग की एवं दस हजार रुपए जुर्माना राशि की डीडी बनवाने के लिए कहा। एसीबी के एएसपी ने बताया कि 18 अक्टूबर को पुन: सत्यापन करवाया गया तो आरोपी द्वारा जुर्माना राशि दस हजार रुपए से कम कर पांच हजार रुपए की डीडी प्रकरण के निस्तारण के बाद बनवाने के लिए परिवादी से कहा। डिमाण्ड ड्रॉफ्ट की जुर्माना राशि के शेष पांच हजार रुपए रिश्वत राशि 15 हजार रुपए में बढ़ाने के लिए कहा। इस प्रकार कुल 20 हजार रुपए रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों पकड़ने के लिए एसीबी ने जाल बिछाया। आरोपी को रुपए गिनते समय नोटों पर लगे पाउडर का शक होने पर परिवादी इशारा करने आया तो आरोपी पीछे के रास्ते से फरार हो गया। एसीबी की टीम में शामिल एएसपी सुरेन्द्र कुमार शर्मा, सदस्य जुगलाल, भोलाराम जाट, हम्मीर सिंह, मनोज कुमार, रामकेश, संजय कुमार व स्वतंत्र गवाह ने आरोपी को तलाश किया तो आरोपी रणथम्भौर रोड़ पर गणेशधाम चौकी के पास भागने की फिराक में खड़ा मिला। इस पर एसीबी ने आरोपी को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर रिश्वत राशि अभिलेखागार कलेक्ट्रेट सवाईमाधोपुर से बरामर कर ली।