बांसवाडा ब्यूरो रिपोर्ट।

बांसवाड़ा जिले में अजीबोगरीब मामला सामने आया है। जहा मारपीट के केस प्रकरण मे जेल मे बन्द कैदी ने शराब की मांग की पूर्ति नही होने पर लगातार 11 दिनों तक खाना- पीना छोड दिया। जिससे कैदी की तबीयत बिगड गई और आखिरकार उसने दम तोड दिया। फिलहाल न्यायिक अधिकारी मामले की जांच पडताल मे जुट गये है।

आपको बता दें, कि कैदी नीरू पुत्र धनजी निवासी ग्राम जाबूड़ी को पिता से मारपीट के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उसे शराब पीने की लत थी। शराब की मांग को लेकर ही भूख हड़ताल पर बैठ गया था और आखिरकार उसकी तबीयत बिगड़ने लगी जिसके बाद जेल प्रशासन ने कैदी को उदयपुर के अस्पताल मे उपचार के लिए भर्ती कराया जहा उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। सदर थाना पुलिस के मुताबिक साल 2011 में जाबूढ़ी निवासी नीरू ने अपने पिता के साथ मारपीट की। इस मामले में उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया था। इसके बाद फिर वह दोबारा कभी कोर्ट में हाजिर ही नहीं हुआ। ऐसे में कोर्ट ने उसका स्थाई वारंट जारी किया. इस पर सदर थाना पुलिस ने 6 अक्टूबर को उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे फिर से जेल भेजने के आदेश दे दिए थे। जेल के अधिकारियों ने बताया कि नीरू की तबीयत बिगड़ने पर उसे 17 अक्टूबर को एमजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उससे पहले जेल में ही इलाज चल रहा था। इधर जेल सूत्रों का कहना है कि उसने शराब नहीं मिलने के कारण खाना पीना छोड़ दिया था। तबीयत बिगड़ने पर 19 अक्टूबर को नीरू को बांसवाड़ा से उदयपुर के लिए रेफर कर दिया था। नीरू की उदयपुर में इलाज के दौरान मौत के बाद जेल नियमावली के अनुसार उदयपुर सीजेएम को इसकी लिखित में सूचना दी गई। नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन के अनुसार जेल में किसी भी कैदी की मौत होती है तो उसकी जांच न्यायिक अधिकारी से कराई जाती है। इसी के चलते उदयपुर सीजेएम ने एक न्यायिक अधिकारी को मामले में जांच के आदेश दिए हैं। न्यायिक अधिकारी ने पोस्टमार्टम कराकर जांच शुरू कर दी है।