भारतीय सेना की दक्षिणी कमान की एयर डिफेंस ब्रिगेड इन दिनों रेगिस्तान में अपनी क्षमता को परख रही है। कोणार्क कोर के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल पीएस मन्हास भी इस अभ्यास का जायजा ले चुके हैं। सैन्य सूत्रों का कहना है कि रण क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ती पैदल सेना को हवाई सुरक्षा प्रदान करने में इस ब्रिगेड का अहम रोल रहा है। ऐसे में समय-समय पर यह अपनी क्षमता को जांचती और परखती रहती है। इस कड़ी में यह युद्धाभ्यास चल रहा है, जिसके लिए हवा में हीट सेंसर दागे गए। उसे मिसाइल ने निशाना बनाया।
दक्षिणी कमान की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि रेगिस्तान में हो रहे अभ्यास के दौरान यह मिसाइल अपने सभी पैरामीटर पर पूरी तरह से खरी उतरी। सेना की तरफ से जारी मिसाइल के वीडियो को देख सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह रूस में बनी 'कब' मिसाइल है। काफी समय से भारतीय सेना के पास में है। दुश्मन के किसी भी मिसाइल और फाइटर जेट को हवा में ही तबाह करने की पूरी तरह से सक्षम है।
ऐसी है 'कब' मिसाइल
'कब' मिसाइल करीब 630 किलोग्राम वजनी होती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे पोर्टेबल प्लेटफार्म से दागा जा सकता है। इस प्लेटफार्म में रडार भी लगा होता है। इस रडार की सहायता से दुश्मन के विमान को करीब 70 किलोमीटर की दूरी से पहचाना जा सकता है। इसे सिर्फ पांच मिनट के अंदर रेडी टू फायर पोजिशन में लाया जा सकता है। इसका रिस्पॉन्स टाइम भी सिर्फ 24 सेकेंड है। ध्वनि की दो गुना तेज रफ्तार इसे बेहद घातक बना देती है। यह मिसाइल एक साथ दो लक्ष्य पर प्रहार कर सकती है।


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